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दौसा में फसल बीमा घोटाले पर गरमाई सियासत, सांसद मुरारीलाल मीणा ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

 
दौसा में फसल बीमा घोटाले पर गरमाई सियासत, सांसद मुरारीलाल मीणा ने लोकसभा में उठाया मुद्दा

राजस्थान के दौसा जिले में फसल बीमा योजना में गड़बड़ियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। दौसा से सांसद मुरारीलाल मीणा ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाते हुए किसानों को समय पर बीमा क्लेम नहीं मिलने और संभावित घोटाले का मामला प्रमुखता से रखा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सांसद ने कहा कि क्षेत्र के हजारों किसान फसल खराब होने के बावजूद बीमा राशि के लिए भटक रहे हैं। समय पर क्लेम का भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बीमा कंपनियों और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण किसानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

मुरारीलाल मीणा ने संसद में यह भी कहा कि कई मामलों में किसानों की फसल नुकसान की सही रिपोर्टिंग नहीं की गई। इससे बीमा क्लेम या तो अटक गया या फिर बहुत कम राशि मंजूर की गई। उन्होंने इस स्थिति को किसानों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रीमियम समय पर जमा किया, लेकिन जब फसल खराब हुई तो उन्हें राहत नहीं मिली। इससे सरकार की योजनाओं पर उनका भरोसा कमजोर हो रहा है।

गौरतलब है कि राज्य में पहले भी फसल बीमा योजना में गड़बड़ियों के आरोप सामने आ चुके हैं। जांच में कई मामलों में यह पाया गया कि किसानों के नुकसान को कागजों में कम या शून्य दिखाया गया, जिससे उन्हें क्लेम नहीं मिल सका।

सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उनका बकाया बीमा क्लेम जल्द से जल्द दिलाया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें।

फिलहाल इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले समय में इस पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है। किसानों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।