दौसा में विधायक और तहसीलदार के विवाद में नया मोड़, सोशल मीडिया स्क्रीनशॉट वायरल
जिले में विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच चल रही बहसबाजी का मामला नया मोड़ ले लिया है। बुधवार को तहसीलदार की सोशल मीडिया वॉल का कथित स्क्रीनशॉट वायरल हो गया, जिसने विवाद को और भड़काने का काम किया है।
सूत्रों के अनुसार, वायरल स्क्रीनशॉट में तहसीलदार के कथित पोस्ट को लेकर लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं में जागरूकता और चर्चा तेज हो गई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह स्क्रीनशॉट सत्य है या संपादित किया गया है। वायरल होने के बाद दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया पर अपना-अपना रुख पेश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट ने दोनों के बीच पहले से चल रही बहसबाजी को जनसाधारण और मीडिया की निगाह में ला दिया है।
विधायक दीनदयाल बैरवा के समर्थकों ने कहा कि यह मामला जनहित और प्रशासनिक जवाबदेही का है। उन्होंने सोशल मीडिया में वायरल स्क्रीनशॉट को तहसीलदार के रवैये का प्रतीक बताते हुए प्रशासन और उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, तहसीलदार गजानंद मीणा के समर्थकों ने कहा कि स्क्रीनशॉट कथित है और सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में फैलाया गया। उन्होंने इसे व्यक्तिगत हमला और छवि धूमिल करने की साजिश बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों और elected प्रतिनिधियों के बीच सोशल मीडिया विवाद तेजी से राजनीतिक तनाव पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता और संदर्भ की जांच करना बेहद जरूरी है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन बताया जा रहा है कि वायरल स्क्रीनशॉट और उसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जांच और मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है।
कुल मिलाकर, दौसा में विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच बहसबाजी का मामला अब सोशल मीडिया के कारण सार्वजनिक और विवादित हो गया है। वायरल स्क्रीनशॉट ने राजनीतिक हलकों और आम जनता में इसे चर्चा का विषय बना दिया है। अब यह देखना बाकी है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति और बयानबाजी के साथ मामले को आगे कैसे सुलझाते हैं।
