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दौसा में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

 
दौसा में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

जिले में खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कई उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कृषि विभाग की जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, किसानों को निर्धारित नियमों के तहत खाद उपलब्ध नहीं कराने और वितरण में अनियमितता की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद गठित जांच टीम ने विभिन्न दुकानों और विक्रेताओं की जांच की, जिसमें कई स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि यूरिया और डीएपी जैसी खाद का वितरण केवल अधिकृत अधिकारियों की निगरानी में ही किया जाए, ताकि किसी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी न हो सके।

इसके साथ ही जिले में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, जो खाद वितरण की निगरानी करेंगे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि उन्हें खाद की उपलब्धता या कीमत को लेकर कोई समस्या आती है, तो वे तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

राज्य स्तर पर भी खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण, छापेमारी और निगरानी के जरिए जमाखोरी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना है।