भारी बारिश ने श्रद्धालुओं की राह रोकी! मुख्य मार्ग पर मलबा और जलभराव, दो घंटे तक ठप रही आवाजाही
आस्थाधाम पपलाज माता के अष्टमी लक्खी मेले में रविवार का दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए परीक्षा की घड़ी रहा। शनिवार रात से मंदिर क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से आ रहे पानी का बहाव तेज हो गया और लालसोट-पपलाज माता मार्ग करीब दो घंटे तक अवरुद्ध रहा, जिससे यात्रा रोकनी पड़ी। कुटक्या मोड़ के पास कुटक्या निवासी सुखलाल के डूबने की घटना से हड़कंप मच गया। हालांकि, कुछ देर में उसे सुरक्षित बचा लिया गया। रविवार दोपहर बारिश के साथ बिजली गिरने से श्रद्धालु सहम गए। करीब दो घंटे की तेज बारिश के बाद मंदिर से कोचर मोड़ तक सड़क पर ढाई फीट तक पानी बहने लगा। कुटक्या मोड़ के पास पानी के तेज बहाव के कारण यातायात ठप हो गया, हजारों श्रद्धालु और भक्त दोनों ओर फंस गए।
मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को निकाला गया
पानी का वेग और स्तर कम होने के बाद पुलिस ने उक्त मार्ग पर श्रद्धालुओं, श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। शनिवार रात भी मंदिर परिसर के बाहर घुटनों तक पानी बहने लगा। कुट्या नाका पर पहाड़ी नाला और बनासडी दीघो पर धाकड़ी नदी के उफान पर आने से करीब दो घंटे तक रास्ता बंद रहा। पुलिस ने श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को पानी से निकाला।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
रविवार दोपहर तेज बारिश के बाद जैसे ही पहाड़ों से पानी आना शुरू हुआ, सीओ दिलीप मीणा ने थानाधिकारी श्री किशन के साथ मोर्चा संभाल लिया। कोचर मोड़ पर ढाई फीट तक पानी बहने लगा। इस दौरान एक बार पानी में बिजली गिरी तो लोग करंट के बहाव से डर गए। पुलिस कर्मियों ने रस्सियाँ बाँधकर मानव श्रृंखला बनाई और करीब तीन घंटे तक बचाव अभियान चलाकर श्रद्धालुओं का हाथ पकड़कर उन्हें पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। एसडीओ विजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि मौके पर सिविल डिफेंस के तीन और एसडीआरएफ के छह जवान तैनात किए गए हैं। कुट्या मोड़ पर भी चार जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस और राजस्व टीम भी मौके पर मौजूद है। सीओ ने जलभराव वाले इलाकों में रस्सियाँ बंधवा दीं।
बिजली गिरने से पहाड़ी गिरी
रविवार दोपहर लाहड़ीवाला पहाड़ी क्षेत्र से होकर पपलाज माता जाने वाले मार्ग पर एक पहाड़ी गिर गई, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि बिजली गिरने से पहाड़ी गिरी, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
