सिलिकोसिस के फर्जी सर्टिफिकेट से 12.21 करोड़ की उठाई गई राशि का खुलासा, जांच में बड़ा घोटाला उजाग
राज्य में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें सिलिकोसिस बीमारी के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर करोड़ों रुपये की सरकारी सहायता राशि हड़पने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब 12.21 करोड़ रुपये की राशि अवैध रूप से प्राप्त की।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए चलाई जा रही सरकारी सहायता योजना से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत वास्तविक मरीजों को आर्थिक मदद दी जाती है। लेकिन कुछ लोगों ने इस योजना का गलत लाभ उठाते हुए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करवाकर सरकारी धनराशि प्राप्त कर ली।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस घोटाले में कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों के नाम पर भी सहायता राशि जारी की गई, जो या तो वास्तविक मरीज नहीं थे या फिर उनके दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
प्रारंभिक ऑडिट और जांच के दौरान कई दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद मामले को आगे की विस्तृत जांच के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि ली है, उनसे वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह घोटाला एक संगठित तरीके से लंबे समय तक चलता रहा और इसकी भनक समय रहते नहीं लग सकी।
अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए अब सख्त सत्यापन प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाभ न उठा सके।
Rajasthan में सामने आए इस घोटाले के बाद जांच एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं और मामले में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
