दौसा: शिक्षा विभाग के 364 कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति, 1080 कर्मियों ने ऑनलाइन आवेदन किया
जिले में शिक्षा विभाग ने अपने कर्मचारियों के स्थाईकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 364 कर्मियों को स्थाई करने की योजना बनाई है। इसके लिए कुल 1080 कर्मियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनकी योग्यता और दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम चयन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्थाईकरण का यह निर्णय कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य स्टाफ के लिए यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, सभी कर्मचारियों को आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज, योग्यता प्रमाणपत्र और अनुभव प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य था। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 1080 कर्मचारियों में से 364 को स्थाई किया जाएगा। चयन के लिए अंतिम सूची तैयार करने से पहले सभी दस्तावेजों और योग्यता का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को स्थाई पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
स्थाई नियुक्ति से कर्मचारियों को नियमित वेतन, पेंशन और अन्य सरकारी लाभ प्राप्त होंगे। इससे न केवल कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूलों की स्थिरता में भी सुधार होगा।
कर्मचारियों ने स्थाईकरण की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उनके भविष्य की सुरक्षा होगी और वे छात्रों की शिक्षा में और अधिक मेहनत और समर्पण से कार्य कर पाएंगे। कई कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से अस्थायी पद पर कार्य करने के कारण उन्हें नौकरी की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा था। स्थाईकरण से यह समस्या दूर होगी।
विभाग ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अंतिम सूची और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए विभाग की वेबसाइट और सूचना बोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट देखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि किसी कर्मचारी के दस्तावेजों में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे समय पर सुधार करने का अवसर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा विभाग में स्थाईकरण से कार्य का स्थायित्व बढ़ेगा और बच्चों की पढ़ाई और विद्यालयों के संचालन में सकारात्मक असर होगा। स्थाई कर्मचारियों के आने से विभागीय कार्यों में देरी और अस्थिरता की समस्या भी कम होगी।
दौसा जिले में यह स्थाईकरण प्रक्रिया शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल कर्मचारियों के जीवन में स्थिरता आएगी, बल्कि जिले के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हित में भी सुधार होगा।
