डिप्टी सीएम बोले: कांग्रेस ने भी बदला था मनरेगा का नाम, रोजगार के दिन बढ़ाने का दावा
राजस्थान के डिप्टी सीएम ने मनरेगा योजना को लेकर नई बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा मनरेगा में सुधार और नामकरण का विरोध करने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि कांग्रेस ने भी इस योजना का नाम बदल चुका था। डिप्टी सीएम ने बताया कि पहले इसे “जवाहर योजना” कहा जाता था, जिसे बाद में मनरेगा के रूप में लागू किया गया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार के सुधारों का उद्देश्य योजना को और अधिक प्रभावी बनाना और ग्रामीण गरीबों को रोजगार के अधिक अवसर देना है। उन्होंने दावा किया कि अब ग्रामीण मजदूरों को पहले से ज्यादा दिनों तक रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होगा।
इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजना के सकारात्मक बदलावों और लाभों को देखना चाहिए। डिप्टी सीएम ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे योजना का पूरा लाभ उठाएं और रोजगार के अवसरों को गिन-चुन कर अपनाएं।
मनरेगा योजना ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। डिप्टी सीएम का यह बयान योजना की साख बढ़ाने और ग्रामीणों में विश्वास कायम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
