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भाजपा कार्यकर्ता ने राशन डीलरशिप नहीं मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी, सरकार पर गुस्सा

 
भाजपा कार्यकर्ता ने राशन डीलरशिप नहीं मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी, सरकार पर गुस्सा

एक भाजपा कार्यकर्ता ने राशन डीलरशिप न मिलने पर सरकार और पार्टी के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया है। जानकारी के अनुसार, किसी और के नाम का चयन होने के बाद यह दिव्यांग कार्यकर्ता बेहद नाराज हो गया। उसने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया और धमकी दी कि अगर उसका मामला जल्द नहीं सुलझा तो वह और उसका परिवार कल (बुधवार) आत्महत्या कर लेंगे।

घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत कार्यकर्ता से संपर्क किया और उसे शांति बनाए रखने के लिए समझाने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला गंभीर होने के कारण किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने बताया कि दिव्यांग कार्यकर्ता लंबे समय से राशन डीलरशिप पाने की कोशिश कर रहा था। पार्टी से जुड़ाव के बावजूद उसका नाम चयन सूची में नहीं आया, जिससे उसकी नाराजगी और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ने इस मुद्दे पर पहले भी कई बार आवाज उठाई थी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।

भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन से संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और किसी भी तरह की हिंसा या आत्महत्या की घटना को रोकने के लिए हर कदम उठाया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले न केवल सरकारी निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता को दर्शाते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समर्थन की अहमियत को भी उजागर करते हैं। दिव्यांग और कमजोर वर्गों के लिए विशेष ध्यान और समर्थन की आवश्यकता होती है, ताकि वे इस तरह की तनावपूर्ण स्थितियों में फंसे नहीं।

पुलिस और प्रशासन ने परिवार के सदस्यों से भी बात की और सुनिश्चित किया कि वे सुरक्षा और मानसिक समर्थन प्राप्त करें। साथ ही, उन्होंने दिव्यांग कार्यकर्ता को भी वैकल्पिक समाधान और कानूनी विकल्प सुझाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित किया कि सरकारी चयन और लाभ वितरण में पारदर्शिता और त्वरित संवाद बेहद जरूरी है। यदि संबंधित पक्ष समय पर शिकायतों और मुद्दों को सुनते हैं, तो इस तरह की गंभीर तनावपूर्ण परिस्थितियों को रोका जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और इसके समाधान के लिए पार्टी और प्रशासन दोनों सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे धैर्य रखें और किसी भी तरह की अफवाह या हिंसक कदम की संभावना को बढ़ावा न दें।

इस तरह, भाजपा कार्यकर्ता का यह मामला प्रशासन और पार्टी दोनों के लिए सतर्कता और संवेदनशीलता का संदेश बन गया है। कार्यकर्ता और उसके परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और उम्मीद है कि उचित समाधान जल्द ही सामने आएगा।