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Dausa Lok Sabha Seat पर बीजेपी-कांग्रेस ने लगाया मीणा प्रत्याशियों पर दांव, जानें क्या कहे रहे सियासी मायने

 
Dausa Lok Sabha Seat पर बीजेपी-कांग्रेस ने लगाया मीणा प्रत्याशियों पर दांव, जानें क्या कहे रहे सियासी मायने

दौसा न्यूज़ डेस्क, राजस्थान की 12 लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों के नामांकन वापसी के बाद अब चुनाव मैदान की तस्वीर साफ हो चुकी है। दौसा से बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय समेत 5 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इन पांचों उम्मीदवारों के साथ ही दौसा चुनाव में दो दिग्गज नेताओं की साख भी दांव पर लगी है। दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज सचिन पायलट के करीबी मुरारी लाल मीणा चुनावी समर में हैं। यहीं कारण है कि इस चुनाव से सचिन पायलट की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। उधर, बीजेपी ने कन्हैया लाल मीणा को चुनाव मैदान में उतारा है। हालांकि सीट पर टिकट देने के लिए वर्तमान सांसद जसकौर मीणा और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच जमकर जोर आजमाइश हुई। लेकिन बीजेपी ने नए चेहरे कन्हैया लाल मीणा को टिकट दिया है। कन्हैया लाल मीणा के टिकट के पीछे संघ से जुड़ी हुई पृष्ठभूमि बताई जा रही है। अब कन्हैया लाल मीणा के सपोर्ट में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को भी उतरना पड़ा है। ऐसे में अब देखना होगा कि इस लोकसभा चुनाव में किसी दिग्गज नेता का पलड़ा भारी रहता है?

बीजेपी ने संघ से जुड़े कन्हैया लाल मीणा को टिकट दिया

दौसा लोकसभा सीट को लेकर बीजेपी में टिकट को लेकर काफी मंथन चला। एक तरफ वर्तमान सांसद जसकौर मीणा अपनी बेटी अर्चना मीणा को टिकट दिलाने पर जोर दे रही थीं। दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल लाल मीणा चाहते थे, कि दौसा लोकसभा का टिकट उनके भाई जगमोहन मीणा को मिले। इस लड़ाई को लेकर दोनों नेताओं में टिकट को लेकर काफी जोर आजमाइश चली। लेकिन बीजेपी ने दोनों ही नेताओं की राय को दरकिनार कर नए चेहरे कन्हैया लाल मीणा को टिकट दिया। कन्हैया लाल आरएसएस से जुड़े हुए नेता है। कन्हैया लाल किरोड़ी लाल और जसकौर मीणा दोनों के खेमें में से नहीं है। ऐसे में पार्टी ने नए चेहरे को टिकट देकर विवाद की स्थिति को समाप्त कर दिया।

दौसा से पायलट की प्रतिष्ठा भी दांव पर

दौसा लोकसभा सीट पर कांग्रेस में भी टिकट को लेकर काफी बवाल हुआ। इस दौरान सचिन पायलट के करीबी और पूर्व मंत्री मुरारीलाल मीणा को टिकट दिया गया। लेकिन इससे नाराज होकर पायलट के करीबी नरेश मीणा ने भी जमकर बवाल कर निर्दलीय नामांकन भरा। हालांकि, बाद में नरेश मीणा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। अब सचिन पायलट की प्रतिष्ठा भी मुरारी लाल मीणा की जीत पर टिकी हुई है। इधर, मुरारी लाल मीणा की नामांकन रैली में खुद सचिन पायलट ने कहा है कि वह दौसा में प्रचार प्रसार की कमान संभालेंगे। उन्होंने कहा कि मैं अब फ्री हूं। इसलिए जहां मुरारी लाल जी वोट मांगने नहीं जा सकते हैं। मैं वहां खुद उनके लिए वोट मांगने जाऊंगा। इस बयान के बाद तो, यही संकेत मिल रहा है कि सचिन पायलट मुरारी लाल मीणा को जीताने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटे हुए हैं।

कन्हैया लाल मीणा के लिए किरोड़ी लाल मीणा भी जुटे सपोर्ट में

बीजेपी ने हालांकि आरएसएस से जुड़े हुए नए चेहरे कन्हैया लाल मीणा को टिकट दिया है। जबकि किरोड़ी लाल मीणा अपने भाई जगमोहन को टिकट दिलाना चाहते थे। लेकिन किरोड़ी लाल अब कन्हैया लाल के सपोर्ट में उतर गए हैं। चर्चा है कि कन्हैया लाल मीणा की जीत से अब कहीं ना कहीं भजन लाल सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है। ऐसे में किरोड़ीलाल पूरी ताकत के साथ अब कन्हैया लाल मीणा के सपोर्ट में जुट गए हैं। सियासी सूत्रों के अनुसार पार्टी हाई कमान ने भी कैबिनेट मंत्री किरोडीलाल मीणा को टास्क देकर कन्हैया लाल को जीताने की जिम्मेदारी सौंप दी है। ऐसी स्थिति में अब दौसा लोकसभा सीट पर चुनावी मुकाबला दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है।

दौसा से पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में है

दौसा लोकसभा सीट राजस्थान की बहुचर्चित सीटों में से एक है, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। वर्तमान में, यह सीट भाजपा के पास है और सांसद जसकौर मीणा हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में, भाजपा ने इस सीट से कन्हैया लाल मीणा को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके मुरारी लाल मीणा को टिकट दिया है। इसके अलावा, बसपा से सोनू धानका, निर्दलीय उम्मीदवार रामसुख मीणा और मोहनलाल मीणा चौहान भी चुनाव लड़ रहे हैं।
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दौसा सीट के आंकड़े और जातीय समीकरण

विधानसभा सीटें:

बस्सी
चाकसू
थानागाजी
बांदीकुई
महुवा
सीकरी
दौसा
लालसोट
मतदाता:

पुरुष: 8,14,648
महिला: 7,09,447
अनुसूचित जाति (एससी): 21.08%
अनुसूचित जनजाति (एसटी): 25.98%