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दो दशक बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी को मिली NAAC की A+ ग्रेड, अब वैश्विक पहचान और फंडिंग के नए रास्ते होंगे खुलेंगे

 
दो दशक बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी को मिली NAAC की A+ ग्रेड, अब वैश्विक पहचान और फंडिंग के नए रास्ते होंगे खुलेंगे 

राजस्थान विश्वविद्यालय को दो दशक बाद राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने ए प्लस ग्रेड प्रदान किया है। इस ग्रेड से न केवल विश्वविद्यालय की साख बढ़ी है, बल्कि केंद्र सरकार से विभिन्न मदों में करीब 100 करोड़ रुपए का अनुदान मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। वर्ष 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब विश्वविद्यालय को इतनी उच्च ग्रेडिंग मिली है। नैक टीम ने 3 से 5 जून तक विश्वविद्यालय का मूल्यांकन किया, जिसमें विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से बातचीत की गई।

ग्रेड न मिलने से हुआ करोड़ों का नुकसान
पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय के पास कोई मान्यता प्राप्त ग्रेड नहीं था, जिससे उसे केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता में भारी नुकसान उठाना पड़ा। वित्तीय सहायता के लिए विश्वविद्यालय राज्य सरकार पर अधिक निर्भर था।राजस्थान विश्वविद्यालय ने ए प्लस ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए व्यापक प्रयास किए। करीब 35 प्रोफेसरों और 50 कर्मचारियों की टीम ने महीनों तक तैयारी की। कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने कहा, 'यह सफलता विश्वविद्यालय की निरंतर सुधार प्रक्रिया का परिणाम है।'

NAAC ग्रेडिंग सिस्टम क्या है?
NAAC एक स्वायत्त निकाय है जो UGC के अधीन काम करता है। यह उच्च शिक्षा संस्थानों का मूल्यांकन निम्न पैमाने पर करता है-

A++ (3.51 – 4.00)

A+ (3.26 – 3.50)

A (3.01 – 3.25)

इससे क्या लाभ होंगे?
नई शैक्षणिक योजनाओं और पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए स्वायत्तता दी जाएगी
UGC और अन्य एजेंसियों से अनुसंधान निधि के लिए पात्रता
विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन, छात्र विनिमय और अनुसंधान साझेदारी की संभावनाएँ
डिजिटल अवसंरचना और नवाचार योजनाओं में प्राथमिकता
पाठ्यक्रमों में क्रेडिट आधारित प्रणाली का विस्तार

छात्रों को क्या मिलेगा?
विदेश में उच्च अध्ययन के लिए डिग्री की अधिक मान्यता
प्लेसमेंट की बेहतर संभावनाएँ
छात्रवृत्ति और फैलोशिप में वरीयता