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Dausa किसानों की आय बढ़ने से किसानो की सिंचाई की समस्या हुई दूर, 101 करोड़ का अनुदान
 

दौसा न्यूज़ डेस्क, दौसा किसानों की खुशहाली और खुशहाली के लिए कृषि विभाग राज्य के बजट में घोषित मिशन मोड पर काम कर रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत कृषि भूमि में खेत तालाबों का निर्माण वर्षा जल संचयन कर फसल उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसमें कच्चे खेत तालाब निर्माण हेतु लघु एवं सीमांत कृषकों को लागत का 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम रू0 73 हजार 500 (जो भी कम हो) देय है। वहीं अन्य किसानों को लागत का 60 प्रतिशत अधिकतम 63 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जा रहा है. वहीं लघु एवं सीमांत कृषकों को पौंड से प्लास्टिक लाइनिंग हेतु लागत का 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम एक लाख 5 हजार रुपये (जो भी कम हो) देय है। वहीं अन्य किसानों को लागत का 60 प्रतिशत अधिकतम 90 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जा रहा है. किसानों की आजीविका कमाने के साथ-साथ यह योजना बंजर भूमि को कृषि भूमि में बदलने में उपयोगी कदम साबित हो रही है। यह योजना न केवल फसलों को पानी उपलब्ध करा रही है, बल्कि बारिश के पानी के संचयन से भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद कर रही है। मनोहर व प्रभु दयाल की राह हुई आसान भड़ाना गांव निवासी मनोहर शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पौंड का निर्माण करवाया था, जिसके लिए राज्य सरकार ने 90 हजार रुपये की अनुदान राशि दी थी. खेत तालाब बनने के बाद वे बारिश के पानी का भंडारण करते हैं, जिससे उनकी सिंचाई की समस्या दूर हो गई है। उनकी आमदनी चार गुना बढ़ गई है और वे हर साल दो लाख रुपए से ज्यादा का मुनाफा कमा रहे हैं। अब वह पौंड से 6 बीघे में गेहूं व चने की फसल की सिंचाई कर रहे हैं।

वहीं गोठड़ा गांव निवासी प्रभु दयाल मीणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में कच्चा पाउण्ड बनवाया था, जिसके तहत राज्य सरकार ने उन्हें 63 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की थी. उन्होंने बताया कि पौंड बनने के बाद उन्होंने एक हेक्टेयर में नींबू का बाग लगाया है, साथ ही चना, सरसों, गेहूं और जौ की खेती भी कर रहे हैं. पौंड बनने के बाद उनकी आमदनी तीन गुना बढ़ गई है और वह सालाना 10 से 12 लाख रुपए कमा रहे हैं। योजना के तहत किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में किसानों को अपना आधार नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। वहीं किसानों को अपनी फोटो के साथ नवीनतम जमाबंदी की प्रति, जो 6 माह से अधिक पुरानी न हो, देनी होगी। अपने कृषि कार्य में सिंचित एवं असिंचित भूमि का शपथ पत्र सादे कागज पर देना होगा। राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये स्वामित्व पासबुक की सत्यापित फोटोकॉपी एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की सत्यापित फोटोकॉपी के साथ किसान को अपना जन आधार कार्ड भी संलग्न करना होगा. अधिकतम 70 प्रतिशत तक दिया जा रहा अनुदान कृषि विभाग के आयुक्त कानाराम का कहना है कि वर्षा जल के संरक्षण और कुशल उपयोग के लिए खेत तालाब निर्माण योजना के तहत कम से कम 40 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से योजनान्तर्गत लघु एवं सीमान्त कृषकों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राशि दी जा रही है।