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Dausa खवारावजी पशु उप केंद्र चार माह से बंद, पशुपालक हो रहे परेशान

 

दौसा न्यूज़ डेस्क, दौसा खवरावजी ग्राम पंचायत में पापड्डा ही एक मात्र पशु उपकेन्द्र है, जो 4 माह से बंद पड़ा है। ऐसे में लुंपी के समय गायों को भी बराबर का इलाज नहीं मिलता था, वहीं अब स्थानीय पशुपालकों को भी इलाज की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरपंच गुलाब शर्मा, राजकुमार शर्मा ने बताया कि खवारोजी ग्राम पंचायत में गाय, भैंस, बकरी, भेड़ आदि की संख्या 8 से 10 हजार के बीच है. इस समय लगभग 20 प्रतिशत पशु ठंड व अन्य मौसमी बीमारियों के कारण लगभग हमेशा बीमार रहते हैं। लेकिन निजी झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को विवश हैं। पूर्व सरपंच शंकर खटाना ने बताया कि राज्य सरकार के पशुपालकों को मुफ्त दवा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और महंगाई के दौर में लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.

कई पशुपालक पशुओं के गंभीर रूप से बीमार होने पर घर पर डॉक्टर को बुलाने के साथ ही महंगा इलाज करा देते हैं। कई बार पशुओं को वाहनों से अस्पताल ले जाना पड़ता है। बताया कि सर्र गांव के लोगों को अब पशुओं के इलाज के लिए 14 किमी दूर पापड्डा जाना पड़ता है। आपको बता दें कि खवरावजी का यह पशु उप केंद्र सिकराय विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां के पशुधन सहायक विनोद मीणा का तबादला चार माह पूर्व दौसा विधानसभा क्षेत्र की ठुमड़ी ग्राम पंचायत में हो चुका है. तभी से यहां ताला लटका हुआ है। हालांकि विभाग ने खावरावजी को अस्थाई रूप से पापदादा पशु चिकित्सालय के अंतर्गत रखा है.