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लालसोट में 40 हेक्टेयर चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त, पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व टीम ने की कार्रवाई

 
दौसा जिले के लालसोट में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 40 हेक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई।  जानकारी के अनुसार, लालसोट क्षेत्र में चारागाह भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले में न्यायालय तक पहुंचने के बाद हाईकोर्ट की ओर से कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। आदेश की पालना में प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की।  निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में चारागाह भूमि की पहचान कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान करीब 40 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।  कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की टीम ने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि की स्थिति की जांच की और उसके बाद अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई पूरी होने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को सरकारी रिकॉर्ड के अनुरूप सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू की गई।  चारागाह भूमि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चरने के लिए किया जाता है। ऐसी भूमि पर अवैध कब्जे होने से ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की ओर से सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं।  हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई जारी रखी जाएगी।  कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पूरा किया।  40 हेक्टेयर चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त होने के बाद स्थानीय पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी इस भूमि पर दोबारा अतिक्रमण न होने देने की होगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।  लालसोट में हुई इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में भी संदेश गया है कि प्रशासन न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए सख्त कदम उठा सकता है। फिलहाल 40 हेक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

दौसा जिले के लालसोट में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 40 हेक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, लालसोट क्षेत्र में चारागाह भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले में न्यायालय तक पहुंचने के बाद हाईकोर्ट की ओर से कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। आदेश की पालना में प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की।

निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में चारागाह भूमि की पहचान कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान करीब 40 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की टीम ने राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि की स्थिति की जांच की और उसके बाद अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई पूरी होने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को सरकारी रिकॉर्ड के अनुरूप सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू की गई।

चारागाह भूमि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चरने के लिए किया जाता है। ऐसी भूमि पर अवैध कब्जे होने से ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की ओर से सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पूरा किया।

40 हेक्टेयर चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त होने के बाद स्थानीय पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी इस भूमि पर दोबारा अतिक्रमण न होने देने की होगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

लालसोट में हुई इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में भी संदेश गया है कि प्रशासन न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए सख्त कदम उठा सकता है। फिलहाल 40 हेक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।