चूरू में पेयजल आपूर्ति को लेकर सख्ती, न्यांगली ने ली समीक्षा, नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जिले में पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। क्षेत्र में पानी की सप्लाई को लेकर आ रही शिकायतों के बीच संबंधित अधिकारी न्यांगली ने व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, वितरण व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी या अनियमित सप्लाई की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
न्यांगली ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की मांग बढ़ना स्वाभाविक है, इसलिए पहले से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। टैंकर सप्लाई, पाइपलाइन व्यवस्था और जल स्रोतों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही, पानी की बर्बादी रोकने और लीकेज की समस्याओं को भी प्राथमिकता से ठीक करने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पेयजल की समस्या अधिक है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और नियमित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाए।
गौरतलब है कि चूरू जैसे शुष्क क्षेत्रों में पानी की कमी एक बड़ी चुनौती बनी रहती है, जहां भूजल स्तर कम होने और कम वर्षा के कारण पेयजल आपूर्ति पर लगातार दबाव बना रहता है।
प्रशासन ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें तथा किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
