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चूरू में खुले में फेंके जा रहे मृत गोवंश से बढ़ी परेशानी, दुर्गंध से लोग बेहाल; कार्रवाई की मांग तेज

 
चूरू में खुले में फेंके जा रहे मृत गोवंश से बढ़ी परेशानी, दुर्गंध से लोग बेहाल; कार्रवाई की मांग तेज

राजस्थान के चूरू जिले के राजलदेसर क्षेत्र में मृत गोवंश को खुले में फेंके जाने का मामला सामने आया है। दक्षिण बीहड़ इलाके में लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। खुले में पड़े मृत गोवंश के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दक्षिण बीहड़ क्षेत्र में मृत गोवंश को लाकर खुले में डाल दिया जाता है। कई दिनों तक इनके निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। तेज दुर्गंध के चलते लोगों का यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, गर्मी के मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो रही है।

लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में पड़े मृत पशुओं से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे आम लोगों और पशुओं दोनों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

राहगीरों ने बताया कि दक्षिण बीहड़ क्षेत्र से गुजरते समय दुर्गंध के कारण काफी परेशानी होती है। आसपास रहने वाले परिवारों को भी हर समय बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मृत गोवंश के उचित निस्तारण की व्यवस्था करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर भी ध्यान देने की जरूरत है। यदि समय पर मृत पशुओं को हटाया जाए और इसके लिए निर्धारित स्थान पर निस्तारण की व्यवस्था की जाए तो लोगों को राहत मिल सकती है।

मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से गोवंश का विशेष महत्व है, ऐसे में मृत गोवंश को इस तरह खुले में छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही मृत गोवंश के निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी और दक्षिण बीहड़ क्षेत्र में फैली गंदगी व दुर्गंध से राहत मिलेगी।