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7 मेडिकल कॉलेजों में 1267 पद खत्म, विरोध में नर्सिंग अधिकारियों ने काली पट्टी बांधी

 
7 मेडिकल कॉलेजों में 1267 पद खत्म, विरोध में नर्सिंग अधिकारियों ने काली पट्टी बांधी

राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) के अधीन प्रदेश के 7 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1267 नियमित पद समाप्त किए जाने के निर्णय के बाद विरोध शुरू हो गया है। इस फैसले से चिकित्सा व्यवस्था और कर्मचारियों में असंतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, समाप्त किए गए पदों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज, चूरू के 156 पद भी शामिल हैं। इस फैसले का असर विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इस निर्णय के विरोध में मंगलवार को डीबी अस्पताल के नर्सिंग अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दो घंटे तक कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।

नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि पहले से ही अस्पतालों में स्टाफ की कमी बनी हुई है। ऐसे में पदों को समाप्त करने का फैसला स्वास्थ्य सेवाओं को और कमजोर कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त स्टाफ होना जरूरी है। पदों में कटौती से मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है और काम का दबाव भी बढ़ेगा।

प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को इस मुद्दे पर संतुलित निर्णय लेना जरूरी है।

फिलहाल, इस फैसले को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।