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Churu संभाग के 64 ग्रेड सेकेंड टीचर्स का 10वीं का रिजल्ट 60 फीसदी से कम, नोटिस जारी
 

चूरू न्यूज़ डेस्क, चूरू शिक्षा की रैंकिंग में राज्य में चौथे नंबर पर रहने वाले चूरू जिले के शिक्षकों का 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन कमजोर रहा है. 10वीं की बोर्ड परीक्षा में जिले के 35 वरिष्ठ शिक्षकों का संबंधित विषय का रिजल्ट 60 फीसदी से कम रहा है. चूरू संभाग के संयुक्त निदेशक पितरसिंह काला ने उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 17सीसीए के तहत चार्जशीट दी जाएगी. चूरू संभाग के झुंझुनूं के 15 और सीकर जिले के 14 शिक्षकों का भी परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा. उधर, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट कम आने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 2021-22 के रिजल्ट कम आने का कारण बताते हुए 15 दिन में जिले के 9 संस्था प्रमुखों से स्पष्टीकरण मांगा है. स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ 17 सीसीए में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 10वीं बोर्ड का रिजल्ट 50 फीसदी या उससे कम और 12वीं बोर्ड का रिजल्ट 60 फीसदी या इससे कम आने पर संबंधित स्कूल के मुखिया के खिलाफ 17 सीसीए में विभागीय कार्रवाई की जाती है. चूरू जिले में 9 में से 2 संस्थान प्रमुखों का 10वीं का रिजल्ट 25 फीसदी तक रहा, जबकि नियमानुसार यह 50 फीसदी होना चाहिए. इनमें कलवासिया स्कूल के प्रिंसिपल विनोद सहगल को 25 फीसदी और नौरंगसर की प्रिंसिपल अन्नपूर्णा को 20 फीसदी अंक मिले हैं. इसके अलावा भिंचरी के संस्थापक रामेश्वरलाल 50 फीसदी, दाउदसर के सरदूल सिंह 46.03 फीसदी, गोपालपुरा के बनिया बास स्कूल के भागीरथ गर्ग 45.16 फीसदी, जासर स्कूल के मुकेश 45.16 फीसदी, बाघसरा अथुना स्कूल के राजेंद्र मेघवाल 44.23 फीसदी हैं. जायक स्कूल के श्री राम का 38.89 प्रतिशत और रतनगढ़ के बापू नगर स्कूल के प्रधानाचार्य राम निवास का परिणाम 35.29 प्रतिशत रहा. इसी तरह बीदासर में कार्यरत कविता सैनी का 16.77%, सुजानगढ़ के करवा स्कूल में कार्यरत नारायण राम का 20%, जायक स्कूल के विनोद कुमार का 27.77% और नोरंगसर के द्वितीय श्रेणी शिक्षक परमेश्वर लाल का 30% परिणाम नियमानुसार 60 रहा. ग्रेड सेकंड में%। माना गया था।

बोर्ड परीक्षा में शिक्षक के लिए 60% और संस्था प्रमुख के लिए 50% और शिक्षक के लिए 70% और संस्थान के प्रमुख के लिए 60% कक्षा 12 वीं में परिणाम होना आवश्यक है। इससे कम रहने पर उनके विरुद्ध सीसीए 17 में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। कारण बताओ नोटिस में संस्था प्रमुख की ओर से अपने संस्थान के पिछले तीन वर्षों के परीक्षाफल की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी। उत्तर के साथ। डीईओ माध्यमिक निसार खान ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अब उन्हें डायरेक्टर को जवाब देना है। संस्था प्रधानों को अपने स्पष्टीकरण में वे कितने समय तक विद्यालय में रहेंगे, विषय शिक्षक का पद रिक्त होने पर संस्था प्रधान के रूप में किये गये प्रयास, शिक्षा व्यवस्था हेतु संचालित अतिरिक्त कक्षाओं का विवरण एवं उनके द्वारा खाली पदों को भरने के लिए किए गए प्रयास। सूचना एवं संस्था प्रमुख के रूप में पिछले तीन वर्षों के बोर्ड परीक्षा परिणाम का विवरण भी भिजवाने के लिए कहा गया है। संस्था प्रमुखों के स्पष्टीकरण के बाद ही यह तय होगा कि किस संस्था प्रमुख के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके लिए नियमित कक्षाएं, कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर परिणाम में सुधार किया जा सकता है। नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षक व संस्था प्रधान का पिछला रिकार्ड देखा जाए, यदि विद्यालय में पिछले परिणाम व प्रयास संतोषजनक रहे हैं तो अधिकारी सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे, अन्यथा चार्जशीट होना तय है.