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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोले श्रीचंद्र कृपलानी, “महिलाओं को आरक्षण देने में विपक्ष बना बाधा”

 
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोले श्रीचंद्र कृपलानी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व मंत्री और निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की पहल की सराहना करते हुए विपक्षी दलों पर महिलाओं को आरक्षण का लाभ देने में बाधा डालने का आरोप लगाया।

कृपलानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया, ताकि उन्हें विधानसभाओं और लोकसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने दावा किया कि सरकार चाहती थी कि महिलाओं को इसका लाभ जल्द से जल्द मिले, लेकिन विपक्षी दलों ने विभिन्न कारणों से इस प्रक्रिया में रोड़े अटकाए।

उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर लागू करना भी उतना ही जरूरी है। कृपलानी के अनुसार, इस अधिनियम के लागू होने से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनका योगदान मजबूत होगा।

विधायक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उलझाते हैं, जबकि महिलाओं के अधिकारों के मामले में गंभीरता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

इस मौके पर उन्होंने राज्य की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर भी संकेत दिए। कृपलानी का कहना था कि जनता अब विकास और सुशासन के मुद्दों पर निर्णय ले रही है और आने वाले समय में इसका असर चुनावी परिणामों में भी दिखाई देगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर नेताओं के बयान आने वाले समय में सियासी बहस को और तेज कर सकते हैं। यह मुद्दा महिलाओं के अधिकारों और प्रतिनिधित्व से जुड़ा होने के कारण व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

फिलहाल, इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ गई है और विभिन्न दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।