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चित्तौड़गढ़ के नए DFO होंगे वेंकदोथ केतन कुमार, राहुल झाझरिया का जयपुर तबादला; 68 IFS अधिकारियों का ट्रांसफर

 
चित्तौड़गढ़ के नए DFO होंगे वेंकदोथ केतन कुमार, राहुल झाझरिया का जयपुर तबादला; 68 IFS अधिकारियों का ट्रांसफर

राजस्थान वन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। सरकार ने 68 भारतीय वन सेवा यानी IFS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस तबादला सूची में चित्तौड़गढ़ के जिला वन अधिकारी यानी DFO का भी बदलाव हुआ है। वेंकदोथ केतन कुमार को चित्तौड़गढ़ का नया DFO नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान DFO राहुल झाझरिया का तबादला जयपुर कर दिया गया है।

सरकार की ओर से जारी तबादला आदेश के बाद वन विभाग में अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं। बड़े पैमाने पर हुए इस फेरबदल में कई अधिकारियों को नई जगह पदस्थापित किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

राहुल झाझरिया का जयपुर ट्रांसफर

चित्तौड़गढ़ के DFO राहुल झाझरिया का तबादला जयपुर किया गया है। उनके स्थान पर अब वेंकदोथ केतन कुमार चित्तौड़गढ़ वन विभाग की कमान संभालेंगे। झाझरिया के कार्यकाल के दौरान वन विभाग से जुड़े कई कामों और गतिविधियों को लेकर विभागीय स्तर पर कार्य किया गया।

अब नए अधिकारी के सामने जिले में वन संरक्षण, अवैध कटाई पर नियंत्रण और वन क्षेत्र से जुड़े मामलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।

68 IFS अधिकारियों के तबादले

राज्य सरकार की ओर से जारी सूची में कुल 68 IFS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। तबादलों के जरिए वन विभाग के विभिन्न पदों पर अधिकारियों की नई नियुक्तियां की गई हैं। इस फेरबदल का असर प्रदेश के कई जिलों के वन विभाग कार्यालयों पर पड़ा है।

राजस्थान में वन क्षेत्र काफी विस्तृत है और वन विभाग के सामने वन्यजीव संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा, अवैध शिकार और अतिक्रमण रोकने जैसी कई चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में DFO स्तर पर अधिकारियों के बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चित्तौड़गढ़ में नए DFO के सामने कई चुनौतियां

चित्तौड़गढ़ जिले में वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। नए DFO वेंकदोथ केतन कुमार के सामने वन क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और विभागीय योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी होगी।

इसके अलावा वन विभाग से जुड़े स्थानीय विवादों, अवैध गतिविधियों और वन क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमण पर कार्रवाई भी प्राथमिकताओं में शामिल रह सकती है। विभागीय योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रभावी निगरानी करना भी अहम होगा।

सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सभी अधिकारियों के नई जिम्मेदारियां संभालने की प्रक्रिया शुरू होगी। चित्तौड़गढ़ में भी वेंकदोथ केतन कुमार के पदभार संभालने के बाद वन विभाग के कामकाज में नई दिशा देखने को मिल सकती है।