श्री सांवलियाजी मंदिर में दान राशि की गणना का तीसरा राउंड पूर
चित्तौड़गढ़ जिले के मेवाड़ क्षेत्र में स्थित कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी को खोले गए भंडार से निकली दान राशि की गणना का तीसरा राउंड मंगलवार को पूरा हुआ। मंदिर प्रशासन ने यह जानकारी दी है।
मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते दान राशि की गणना कई राउंड में की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि तीसरे राउंड में बड़े नोट और सिक्कों की सावधानीपूर्वक गिनती की गई। गणना में शामिल अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया को विशेष रूप से नियंत्रित किया गया।
मंदिर के प्रमुख ने बताया कि चतुर्दशी के दिन खोले गए भंडार में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान में नकदी, चांदी और कुछ सोने के सिक्के शामिल थे। उन्होंने कहा कि दान राशि की पूरी गिनती के बाद ही अंतिम आंकड़े घोषित किए जाएंगे। पहले दो राउंड में भी कई प्रकार के सिक्के और नोट गिने गए थे और तीसरे राउंड में बाकी बचे हिस्से की गिनती पूरी की गई।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि चतुर्दशी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त आए थे। उन्होंने मंदिर प्रशासन की मेहनत और पारदर्शिता की सराहना की। इस आयोजन से यह भी स्पष्ट हुआ कि मंदिर में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष उपाय किए गए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर दान की गणना को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से करना जरूरी है। इससे न केवल मंदिर प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत होता है।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि गणना के बाद राशि का एक हिस्सा मंदिर के विकास और सामाजिक कल्याण कार्यों में लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी धनराशि का रिकॉर्ड बनाए रखा गया है और इसे उचित रूप से सरकारी निरीक्षण के अधीन रखा जाएगा।
तीसरे राउंड की गणना पूरी होने के बाद अब अंतिम राउंड की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि अंतिम राउंड के बाद कुल दान राशि का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
मंदिर के अधिकारी श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि वे गणना प्रक्रिया में धैर्य बनाए रखें और सभी आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें। उनका कहना है कि इस प्रकार की पारदर्शिता से मंदिर के धार्मिक और सामाजिक महत्व को बनाए रखने में मदद मिलती है।
इस प्रकार, चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलियाजी मंदिर में दान राशि की गिनती का तीसरा राउंड सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। अब अंतिम आंकड़ों के घोषित होने का इंतजार किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
