जलझूलनी एकादशी पर खास आयोजन! 450 किलो चांदी के रथ पर निकले सांवलियाजी सेठ, श्रद्धालुओं का सैलाब
राजस्थान समेत पूरे उत्तर भारत में आज (बुधवार) जलझूलनी एकादशी धूमधाम से मनाई जा रही है। इसी कड़ी में चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में भी विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। सांवलियाजी को जल में डुबकी लगवाने के लिए दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान 450 किलो चांदी से बने रथ में सांवलिया सेठ के बाल स्वरूप को विराजमान किया गया। हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु इस रथ को अपने हाथों से खींच रहे हैं, जो आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा पेश कर रहा है। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंदिर में कई अन्य धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं।
चांदी के रथ के चारों ओर होगी इत्र वर्षा
शोभायात्रा में 30 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों से जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। इस शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट समेत कई तरह की झांकियां भी शामिल हैं। इस दौरान चांदी के रथ के चारों ओर इत्र वर्षा की जाएगी। दोपहर 12 बजे शुरू हुई यह शोभायात्रा मंधपिया कस्बे के विभिन्न इलाकों से होते हुए सांवलिया सरोवर पहुँचेगी, जहाँ ठाकुरजी को जल में झुलाया जाएगा और विशेष आरती की जाएगी। रात 8 बजे जब शोभायात्रा मंदिर परिसर में वापस आएगी, तो भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।
मंदिर को विशेष फूलों से सजाया गया है
रात्रि में विभिन्न मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मेले के अवसर पर मंदिर को विशेष फूलों से सजाया गया है। इस दौरान वाहनों के लिए जगह-जगह पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पुलिस के अलावा मंदिर मंडल प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं।
