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बेगूं में छाया मातम, कनाडा से ताबूत में लौटा राघव सोनी, अंतिम विदाई पर भावुक माहौल

 
बेगूं में छाया मातम, कनाडा से ताबूत में लौटा राघव सोनी, अंतिम विदाई पर भावुक माहौल

सात समंदर पार सुनहरे भविष्य के सपने लेकर गए बेगूं के बेटे राघव सोनी (32) की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। 14 दिन पहले कनाडा की हर्ट लेक झील में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में राघव की मौत हो गई थी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर जब बुधवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई और पूरे गांव में मातम पसर गया।

परिवार के लिए यह पल बेहद कठिन और भावुक कर देने वाला था। जिस बेटे के लौटने का इंतजार घरवाले खुशी और उम्मीद के साथ कर रहे थे, वह ताबूत में लिपटा हुआ वापस आया। जैसे ही पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिजनों का सब्र टूट गया और रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, राघव सोनी अपने बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में कनाडा गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ समय बाद वह अच्छी सफलता के साथ घर लौटेंगे, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सभी सपनों को तोड़ दिया।

अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित शामिल हुए। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर कोई इस असमय मौत से स्तब्ध नजर आया। लोगों ने नम आंखों से राघव को अंतिम विदाई दी और उनके परिवार को ढांढस बंधाया।

जानकारी के अनुसार, कनाडा में हर्ट लेक झील के पास यह हादसा हुआ था, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास की मदद से पार्थिव शरीर को भारत लाया गया। पूरी प्रक्रिया में कई दिन लग गए, जिसके बाद अंतिम संस्कार संभव हो सका।

इस घटना ने एक बार फिर विदेश में रोजगार की तलाश में गए युवाओं की चुनौतियों और जोखिमों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राघव मिलनसार और मेहनती स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी असमय मौत ने सभी को गहरा आघात पहुंचाया है।