Aapka Rajasthan

हरियाली अमावस्या पर सांवलियाजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोने के वस्त्रों में सजे सांवलिया सेठ

 
हरियाली अमावस्या पर सांवलियाजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोने के वस्त्रों में सजे सांवलिया सेठ

हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी सेठ मंदिर में बुधवार को भव्य मेला लगा। इस खास मौके पर भगवान सांवलिया सेठ का विशेष श्रृंगार किया गया और उन्हें सोने के वस्त्र पहनाए गए। दर्शन के लिए सुबह मंगला आरती से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर पहुंचती रही।

हरियाली अमावस्या पर भगवान के विशेष दर्शन का अलग ही धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी वजह से राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सांवलियाजी मंदिर पहुंचे।

मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला

बुधवार सुबह मंदिर में मंगला आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले तो भक्तों की कतारें लग गईं।

भगवान सांवलिया सेठ का आकर्षक श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सोने के वस्त्रों से सजे भगवान के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु काफी देर तक कतार में खड़े रहे।

दोपहर बाद तेज बारिश, फिर भी नहीं कम हुई भीड़

दोपहर बाद चित्तौड़गढ़ में मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन आस्था के आगे मौसम भी फीका पड़ गया।

बारिश के बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। लोग छाते और बरसाती लेकर दर्शन के लिए पहुंचते रहे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा।

देर शाम तक आते रहे श्रद्धालु

हरियाली अमावस्या के चलते मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

श्रद्धालुओं ने भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।

विशेष श्रृंगार बना आकर्षण

हरियाली अमावस्या के अवसर पर भगवान सांवलिया सेठ का किया गया विशेष श्रृंगार भक्तों के बीच चर्चा का विषय रहा। सोने के वस्त्रों में सजे सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया।

हरियाली अमावस्या पर सांवलियाजी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर मंदिर की आस्था और श्रद्धा को दर्शाया। तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए पहुंचना जारी रहा और देर शाम तक मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी रही।