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आंगनबाड़ियों में पोषाहार वितरण हुआ हाईटेक, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

 
आंगनबाड़ियों में पोषाहार वितरण हुआ हाईटेक, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ‘टेक होम राशन’ (THR) के वितरण में फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) लागू किया गया है, जिससे गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

विभाग द्वारा यह नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू कर दी गई है। इसके तहत लाभार्थियों की पहचान अब चेहरे की पहचान तकनीक के जरिए की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि पोषाहार सही व्यक्ति तक ही पहुंचे। पहले जहां वितरण में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती थीं, वहीं अब इस तकनीक के जरिए निगरानी और नियंत्रण मजबूत होगा।

अधिकारियों के अनुसार, FRS सिस्टम को ‘ब्रह्मास्त्र’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे लाभार्थियों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज होगी और किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावना कम हो जाएगी। यह तकनीक डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

इस नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे सिस्टम का सही तरीके से उपयोग कर सकें। साथ ही, वितरण प्रक्रिया को ऑनलाइन रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे विभागीय स्तर पर निगरानी आसान हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल पोषाहार वितरण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि बच्चों और महिलाओं तक पोषण सामग्री समय पर पहुंच सकेगी। इससे कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तकनीकी चुनौतियों की बात भी सामने आई है, जैसे नेटवर्क की समस्या या सिस्टम संचालन में शुरुआती दिक्कतें। लेकिन विभाग का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।

फिलहाल, आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू यह नई तकनीक पोषाहार वितरण प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।