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फल-सब्जी और हरी पत्तियों से सजे भगवान शिव, 51-51 किलो फलों और सब्जियों से हुआ विशेष श्रृंगार

 
फल-सब्जी और हरी पत्तियों से सजे भगवान शिव, 51-51 किलो फलों और सब्जियों से हुआ विशेष श्रृंगार

सावन और हरियाली से जुड़े विशेष अवसरों पर देशभर के शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक शिव मंदिर में भगवान शिव का अनोखा श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना। यहां भगवान शिव को ताजे फलों, हरी सब्जियों और हरी पत्तियों से सजाया गया।

भगवान शिव के इस विशेष श्रृंगार में 51-51 किलो ताजे फल और हरी सब्जियों का उपयोग किया गया। मंदिर परिसर में चारों ओर हरियाली का वातावरण नजर आया और भक्तों ने इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन किए।

हरियाली के बीच दिखा भोलेनाथ का अनोखा रूप

भगवान शिव के श्रृंगार में केले, सेब, अंगूर समेत विभिन्न प्रकार के फलों और हरी सब्जियों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही हरी पत्तियों से मंदिर परिसर को भी सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण प्राकृतिक और आकर्षक नजर आया।

श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के इस अनूठे श्रृंगार की जमकर सराहना की और बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे।

51 किलो फल और 51 किलो सब्जियों से सजावट

मंदिर में भगवान शिव के विशेष श्रृंगार के लिए 51 किलो ताजे फल और 51 किलो हरी सब्जियां मंगाई गईं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन और हरियाली से जुड़े पर्वों पर भगवान शिव की पूजा में प्रकृति और हरियाली का विशेष महत्व माना जाता है।

इसी भावना को ध्यान में रखते हुए भगवान शिव को हरियाली से सजाया गया।

भक्तों में दिखा उत्साह

भगवान शिव के इस विशेष रूप को देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कई श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के इस मनमोहक स्वरूप की तस्वीरें भी लीं और सोशल मीडिया पर साझा कीं।

प्रकृति और भक्ति का अनोखा संगम

फल, सब्जी और हरी पत्तियों से किया गया यह श्रृंगार भक्ति के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है। मंदिर में इस आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक और हरियाली से भरपूर नजर आया।

भगवान शिव का फल-सब्जियों से किया गया यह विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। 51 किलो फलों और 51 किलो हरी सब्जियों से सजे भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।