चित्तौड़गढ़ में गणगौर पर्व की धूम, दूसरे दिन भी दिखी महिलाओं की खास रौनक
चित्तौड़गढ़ में गणगौर का पर्व इन दिनों पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के दूसरे दिन भी शहर में खास रौनक देखने को मिली, जहां शाम ढलते ही माहौल पूरी तरह रंगीन हो गया।
रात होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर आयोजन स्थलों पर पहुंचीं। रंग-बिरंगी वेशभूषा, पारंपरिक आभूषण और हाथों में पूजा की थालियां लिए महिलाएं गणगौर माता की आराधना करती नजर आईं। इस दौरान लोकगीतों और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया।
शहर के विभिन्न इलाकों में गणगौर माता की प्रतिमाओं को सजाकर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। महिलाएं समूह में एकत्र होकर गीत गाती हैं और सुख-समृद्धि व वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं। युवा वर्ग और बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजन स्थलों पर देर रात तक चहल-पहल बनी रही। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पर्व का आनंद ले सकें।
गणगौर पर्व राजस्थान की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। चित्तौड़गढ़ में इस पर्व की रौनक यह दर्शाती है कि आज भी पारंपरिक त्योहारों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव कायम है।
