चित्तौड़गढ़ के कन्नौज गांव में मारपीट के बाद युवक की मौत, ग्रामीणों में तनाव
जिले के भदेसर क्षेत्र स्थित कन्नौज गांव में गुरुवार को एक युवक की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतक दुर्गेश रेगर, 27 दिसंबर को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हो गया था और उदयपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मारपीट के दौरान दुर्गेश रेगर पर गंभीर हमला किया गया था, जिसके कारण उसके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर उसे उदयपुर के विशेष अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी जान बचाई नहीं जा सकी।
युवक की मौत के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने गांव में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
भदेसर थानाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मृतक की मौत के बाद हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना गांव के लिए सदमा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में गांव में आपसी झगड़े और हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पुलिस और प्रशासन से वे चाहते हैं कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में हिंसा की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी गांव में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार को न्याय मिले और दोषियों को कानून के तहत सजा मिले। उन्होंने ग्रामीणों से संयम रखने और पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में बढ़ती हिंसा और झगड़े समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं के रोकथाम के लिए समय पर कार्रवाई, जागरूकता अभियान और स्थानीय स्तर पर विवाद समाधान प्रक्रियाओं को मजबूत किया जाए।
इस घटना ने भदेसर क्षेत्र और आसपास के गांवों में सुरक्षा और शांति के महत्व को फिर से उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि न्याय प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और कड़ाई के साथ पूरी की जाएगी।
