चित्तौड़गढ़: प्रसव के दौरान एम्बुलेंस में बच्चा हुआ जन्म, पारिवारिक हालत गंभीर होने पर रेफर उदयपुर
जिले में एक कठिन प्रसव स्थिति के बीच रविवार को एक महिला ने एम्बुलेंस में ही बच्चा जन्म दिया, जब उसे बीपी (ब्लड प्रेशर) और प्लेटलेट्स की कमी के कारण उदयपुर रेफर किया जा रहा था। यह घटना तब सामने आई जब परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे और रास्ते में ही महिला का प्रसव शुरू हो गया, जिससे चालक और एम्बुलेंस की टीम को फौरन डिलीवरी कराने के निर्णय पर मजबूर होना पड़ा।
रफ्तार में प्रसव के बीच आपात स्थिति
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, महिला गर्भावस्था के अंतिम चरण में थी और उच्च ब्लड प्रेशर (BP) तथा प्लेटलेट्स की कमी जैसी गंभीर समस्याओं के कारण उसे उदयपुर के बड़े मेडिकल सेंटर में दाखिल कराने की सलाह दी गई थी। जैसे ही परिवार एम्बुलेंस में चढ़ा और रवाना हुआ, मार्ग में ही महिला को तेज दर्द के साथ प्रसव के संकेत मिलने लगे।
परिवार के सदस्यों ने तुरंत एम्बुलेंस चालक तथा स्वास्थ्य कर्मियों को जन्म की तीव्र प्रक्रिया के बारे में सूचित किया और टीम ने तुरंत एम्बुलेंस के अंदर सुरक्षित डिलीवरी का निर्णय लिया। गर्भवती महिला की स्थिति जटिल थी और BP तथा प्लेटलेट्स जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच पर प्राथमिकता दी गई थी।
एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव
एम्बुलेंस चालक और उनकी टीम ने पेशेवर तत्परता के साथ रास्ते में ही डिलीवरी करवाई, और नवजात शिशु तथा मां दोनों सुरक्षित स्थिति में रहे। यह प्रसव एक आपात स्थिति में किया गया — जहाँ अस्पताल तक पहुँचने की दूरी तथा स्वास्थ्य संबंधित जोखिमों को देखते हुए उन्हें कोई देरी नहीं करने की आवश्यकता पड़ी।
घटना के तुरंत बाद, 937 बपतिस्त अस्पताल या किसी नजदीकी चिकित्सा केंद्र के डॉक्टरों को सूचना दी गई और डिलीवरी के बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक मेडिकल जांच में बताया गया कि नवजात एवं मां दोनों की सेहत फिलहाल स्थिर है, लेकिन आगे की जांच और उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए उदयपुर भेजा जाना आवश्यक माना गया है।
परिवार की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक भूमिका
परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह अचानक हुई घटना थी और एम्बुलेंस में प्रसव उनके लिए भी एक चिंतात्मक पल रहा, लेकिन चालक एवं हेल्थ स्टाफ के सहयोग से यह सुरक्षित रहा। उन्होंने राहत व्यक्त की कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और दोनों — मां तथा बच्चा — सुरक्षित हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता बहुत ज़रूरी होती है, खासकर ग्रामीण और सीमांत इलाकों में। बाद में महिला को उदयपुर रेफर कर दिया गया ताकि उसे और बच्ची को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
