चित्तौड़गढ़: जियाखेड़ी गांव के किसान ने पेश की प्रकृति प्रेम की मिसाल, बढ़ा रहा हरियाली का संदेश
आज के समय में जहां छोटी-छोटी बातों पर इंसानियत पर सवाल उठने लगते हैं, वहीं चित्तौड़गढ़ जिले के जियाखेड़ी गांव के एक किसान ने प्रकृति के प्रति अपने गहरे प्रेम से प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, इस किसान ने अपने खेत और आसपास के खाली पड़ी जमीन पर लगातार पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का अभियान चलाया है। उनका उद्देश्य केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह किसान लंबे समय से पेड़-पौधों की देखभाल में सक्रिय है और नियमित रूप से नए पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा भी करता है। उन्होंने अपने स्तर पर जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए भी प्रयास किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल से गांव में हरियाली बढ़ी है और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैल रही है। कई लोग अब उनसे प्रेरित होकर अपने घरों और खेतों में पौधे लगाने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यक्तिगत पहलें पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, खासकर ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस प्रयास की सराहना की है और इसे अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बताया है।
कुल मिलाकर, जियाखेड़ी गांव के इस किसान की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।
