Aapka Rajasthan

चित्तौड़गढ़ में अज्ञात 25 वर्षीय महिला मिली बीमार हालत में, जिला अस्पताल में भर्ती, तीन माह से गांवों में भटक रही थी

 
चित्तौड़गढ़ में अज्ञात 25 वर्षीय महिला मिली बीमार हालत में, जिला अस्पताल में भर्ती, तीन माह से गांवों में भटक रही थी

चित्तौड़गढ़ जिले में एक अज्ञात 25 वर्षीय महिला के मिलने से लोगों में चिंता और सहानुभूति का माहौल है। बीमार और कमजोर हालत में मिली इस महिला को बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, यह महिला पिछले तीन महीनों से डूंगला क्षेत्र के गुमानपुरा गांव और आसपास के इलाकों में भटकती हुई दिखाई दे रही थी। स्थानीय लोगों ने कई बार उसे देखा, लेकिन वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी।

खुशहाल वृद्धाश्रम की संचालिका नंदिनी त्रिपाठी ने बताया कि महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी। पिछले कुछ दिनों में उसकी शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने वृद्धाश्रम को सूचना दी। इसके बाद 30 नवंबर को डूंगला पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया। नंदिनी त्रिपाठी ने कहा कि महिला मानसिक रूप से भी अस्थिर लग रही है और डॉक्टर उसके स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर रहे हैं।

अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि महिला को पोषण की भारी कमी है और वह लंबे समय से किसी भी प्रकार की नियमित देखभाल से दूर रही है। प्राथमिक जांच में कोई गंभीर चोट तो नहीं मिली, लेकिन उसकी सेहत को देखते हुए उसे कुछ दिन अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के बाद उसकी मानसिक स्थिति की भी विशेष जांच की जाएगी ताकि उसकी पहचान और पृष्ठभूमि के बारे में कोई सुराग मिल सके।

डूंगला पुलिस ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों से महिला के बारे में लगातार सूचनाएँ मिल रही थीं। कई बार टीम ने उससे बातचीत की कोशिश की, लेकिन वह अपना नाम, पता या परिवार के बारे में कुछ भी नहीं बता पाई। पुलिस अब आसपास के जिलों और राज्यों में लापता महिलाओं की रिपोर्ट्स की जांच कर रही है, ताकि उसकी पहचान हो सके। इसके लिए महिला की तस्वीर विभिन्न थानों और स्थानीय सामाजिक संगठनों को शेयर की जा रही है।

वृद्धाश्रम संचालिका नंदिनी त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी घटनाएँ संवेदनशीलता और जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ग्रामीणों ने सूचना न दी होती तो महिला की हालत और गंभीर हो सकती थी। वृद्धाश्रम और पुलिस प्रशासन महिला की देखभाल और उसकी पहचान तलाशने में पूरी सहायता कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला अक्सर गांव के खेतों, सड़क किनारे या खाली घरों के पास देखी जाती थी। कई बार ग्रामीणों ने उसे भोजन और पानी भी दिया। लेकिन उसकी कमजोरी और अस्थिर व्यवहार को देखते हुए लोग उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।

फिलहाल महिला जिला अस्पताल में सुरक्षित है और डॉक्टर उसके स्वास्थ्य में सुधार लाने में जुटे हैं। पुलिस और सामाजिक संगठनों की कोशिश है कि जल्द से जल्द उसके परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को महिला की पहचान या पृष्ठभूमि के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।