बीकानेर की 7 नगरीय निकायों में बदली वोटिंग की तारीख, मेले-त्योहार और धार्मिक यात्राओं को देखते हुए फैसला
बीकानेर जिले में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। जिले की सभी 7 नगरीय निकायों में मतदान की तारीख में बदलाव किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश के बाद आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में संशोधन किया है। विभिन्न मेलों, तीज-त्योहारों, धार्मिक यात्राओं और सामाजिक संगठनों की मांग को देखते हुए मतदान की तारीख बदली गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि निर्धारित मतदान तिथि के आसपास जिले में कई धार्मिक और सामाजिक आयोजन होने हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में पहले से निर्धारित तारीख पर मतदान कराने से मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को परेशानी हो सकती थी।
सामाजिक संगठनों ने की थी तारीख बदलने की मांग
बीकानेर जिले में होने वाले विभिन्न मेलों और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए कई सामाजिक संगठनों ने मतदान की तारीख में बदलाव की मांग की थी। संगठनों का कहना था कि चुनाव की निर्धारित तारीख और प्रमुख धार्मिक आयोजनों के बीच टकराव होने की स्थिति में बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा धार्मिक यात्राओं के कारण भी कई लोगों के जिले से बाहर रहने की संभावना जताई गई थी। जिला प्रशासन ने इन मांगों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को मतदान की तारीख बदलने की सिफारिश भेजी थी।
सभी 7 नगरीय निकाय प्रभावित
आयोग के फैसले का असर बीकानेर जिले की सभी 7 नगरीय निकायों पर पड़ेगा। यानी इन सभी निकाय क्षेत्रों में मतदान अब संशोधित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार कराया जाएगा। मतदान की नई तारीख के साथ चुनाव से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी उसी के अनुरूप संचालित किए जाएंगे।
चुनाव की तारीख बदलने के बाद प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। नामांकन, प्रचार और मतदान से जुड़े कार्यक्रमों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
शांतिपूर्ण मतदान कराने की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी वजह से स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदान की तारीख में बदलाव किया गया है।
प्रशासन की ओर से अब संशोधित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां की जाएंगी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और अन्य चुनावी व्यवस्थाओं को भी नई तारीख के हिसाब से अंतिम रूप दिया जाएगा।
बीकानेर जिले की सातों नगरीय निकायों में मतदान की तारीख बदलने के फैसले के बाद अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर संशोधित कार्यक्रम पर है। आयोग के इस निर्णय से धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में शामिल होने वाले मतदाताओं को भी मतदान का अवसर मिलने की उम्मीद है।
