मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कार्यशाला में खेजड़ी मुद्दे पर बवाल, जिला कलेक्टर ने रोक दी चर्चा
राजस्थान में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में सोमवार को खेजड़ी के संरक्षण और सोलर प्लांट से जुड़े पर्यावरण मुद्दे पर बहस में हंगामा खड़ा हो गया।
कार्यशाला में शामिल पर्यावरण प्रेमियों ने जैसे ही सोलर प्लांट और खेजड़ी के संरक्षण पर अपनी बात रखना शुरू की, जिला कलेक्टर ने उन्हें रोक दिया। कलेक्टर का कहना था कि यह मुद्दा कार्यशाला के निर्धारित एजेंडे में शामिल नहीं है, इसलिए इस विषय पर चर्चा नहीं की जा सकती।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि खेजड़ी और अन्य स्थानीय वनस्पतियों की कटाई और सोलर प्लांट के विकास से वन्यजीवों पर असर पड़ रहा है, और इस पर ध्यान देना जरूरी है। उनका मानना है कि अगर इस मुद्दे को नजरअंदाज किया गया तो मानव-वन्यजीव संघर्ष और गंभीर हो सकता है।
इस पर चर्चा रोके जाने से कार्यशाला में उपस्थित अन्य प्रतिभागियों और पर्यावरण समर्थकों में नाराजगी दिखाई दी। कई लोगों ने कहा कि स्थानीय पारिस्थितिकी और वन्यजीव संरक्षण के मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाने की अनुमति नहीं देना चिंताजनक है।
जिला प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कार्यशाला का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा करना बताया गया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भविष्य में इस मुद्दे को उचित मंच पर उठाया जाएगा ताकि क्षेत्रीय वन्यजीव और पेड़-पौधों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
