बीकानेर के कोलायत में मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई में हंगामा, विधायक को नहीं बुलाने पर नाराज हुए कार्यकर्ता
बीकानेर जिले के कोलायत में मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हंगामा हो गया। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ताओं ने मौके पर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।
मामला बढ़ता देख मंत्री सुमित गोदारा ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होने का भरोसा दिलाया।
विधायक को नहीं बुलाने पर भड़के कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, कोलायत में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनी जा रही थीं। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली कि स्थानीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया है।
इस बात को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि क्षेत्र के विधायक को ऐसे कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए था, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समन्वय हो सके।
मंत्री ने मानी गलती
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री सुमित गोदारा ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने मामले को शांत कराने का प्रयास किया और कहा कि यह एक गलती थी, जिसे आगे दोहराया नहीं जाएगा।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में जनसुनवाई और अन्य कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान और सूचना दी जाएगी।
भाजपा में दिखी अंदरूनी नाराजगी
इस घटना को भाजपा के अंदर स्थानीय स्तर पर तालमेल की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों और संगठन के बीच बेहतर समन्वय किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में कार्यक्रम में विधायक की अनुपस्थिति को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई।
जनता की समस्याओं पर हुई चर्चा
जनसुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। इनमें सड़क, पानी, बिजली और अन्य स्थानीय मुद्दे शामिल रहे। अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुना जा रहा है।
फिलहाल कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद शांत हो गया है, लेकिन इस घटना ने भाजपा के स्थानीय संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत को जरूर उजागर किया है।
