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तिरुपति लड्डू विवाद की जांच बीकानेर तक पहुंची, ईडी की छापेमारी से घी कारोबारियों में हलचल

 
तिरुपति बालाजी मंदिर के महाप्रसाद (लड्डू) में मिलावटी घी और धोखाधड़ी का मामला अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बदल गया है। ईडी ने देशभर में 15 ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी के बाद यह मामला बीकानेर तक पहुंच गया है। घी कारोबारी के घर और दफ्तर पर भी जांच ए

तिरुपति बालाजी मंदिर के महाप्रसाद (लड्डू) में कथित रूप से मिलावटी घी के इस्तेमाल और धोखाधड़ी से जुड़े मामले ने अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच का रूप ले लिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद जांच का दायरा राजस्थान के बीकानेर तक पहुंच गया है।

जानकारी के अनुसार, ईडी ने देशभर में 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर मामले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच की। इसी क्रम में बीकानेर के एक घी कारोबारी के घर और कार्यालय पर भी जांच एजेंसी की टीम पहुंची और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी कथित मिलावटी घी की आपूर्ति, उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और कंपनियों के बीच हुए कारोबारी संबंधों की जांच कर रही है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं से अर्जित धन का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के तत्व शामिल हैं।

मामले में पहले से चल रही जांच के दौरान घी की गुणवत्ता और आपूर्ति प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे थे। अब ईडी की एंट्री के बाद जांच का फोकस वित्तीय अनियमितताओं और धन के प्रवाह पर भी केंद्रित हो गया है।

हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक किसी व्यक्ति या कंपनी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बीकानेर में ईडी की कार्रवाई के बाद घी कारोबार से जुड़े व्यापारिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर कारोबारी और आमजन इस मामले की जांच के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।