बीकानेर ड्रेनेज प्रोजेक्ट में सवालों के घेरे में 100 करोड़ रुपए का मामला, वित्त विभाग ने निगम से मांगी स्पष्टीकरण
बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से स्वीकृत किए गए 100 करोड़ रुपए के ड्रेनेज प्रोजेक्ट को लेकर हाल ही में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन वित्तीय और प्रशासनिक सवाल अभी भी हवा में हैं। इस मामले में वित्त विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि जो 59 करोड़ रुपए अब जारी किए जाने वाले हैं, क्या उससे प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाएगा या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, यह ड्रेनेज प्रोजेक्ट बीकानेर के जल निकासी और शहरी बाढ़ प्रबंधन के लिए अहम माना जा रहा है। पिछले साल मुख्यमंत्री द्वारा परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक परियोजना की कार्ययोजना, लागत और समयसीमा पर स्पष्टता नहीं थी।
वित्त विभाग ने निगम से पूछा है कि यदि इस बार 59 करोड़ रुपए की राशि जारी की जाती है, तो क्या इससे निर्धारित कार्यों का पूरा क्रियान्वयन संभव है, या परियोजना को पूरा करने के लिए और अधिक राशि की आवश्यकता होगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना की वित्तीय पारदर्शिता और लागत का सही अनुमान होना अनिवार्य है।
नगर निगम सूत्रों का कहना है कि 100 करोड़ रुपए का ड्रेनेज प्रोजेक्ट कई चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 59 करोड़ रुपए के फंड के साथ प्राथमिक कार्य शुरू किए जाएंगे, जिसमें प्रमुख नालियों और जल निकासी के मुख्य मार्गों का निर्माण शामिल है। इसके बाद शेष राशि की मांग और व्यय रिपोर्ट के आधार पर अगले चरण में कार्य पूरा किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बड़ी शहरी परियोजनाओं में वित्तीय निगरानी और चरणबद्ध कार्य योजना बेहद जरूरी होती है। बिना स्पष्ट बजट और समयसीमा के परियोजना अधूरी रह सकती है या लागत बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीकानेर में पुराने ड्रेनेज नेटवर्क के कारण बरसात के मौसम में जलभराव और संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए यह परियोजना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि वित्त विभाग का पत्र यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि जनता के करदाता पैसों का सही उपयोग हो और काम समय पर पूरा हो।
