Bikaner लूणकरनसर से चतुष्कोणीय मुकाबले में जीतकर सुमित गोदारा बने कैबिनेट मंत्री
दूसरी बार विधायक बने
सुमित गोदारा लूणकरनसर से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं. इससे पहले पिछले चुनाव में उन्होंने तत्कालीन गृह राज्य मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल को हराया था. तभी से वह चर्चा में थे लेकिन बीजेपी की सरकार नहीं बन पाई. इसके बाद सुमित ने लूणकरनसर में पांच साल तक कड़ी मेहनत की. इसी वजह से उन्होंने दूसरी बार भी जीत हासिल की. सुमित ने कांग्रेस के डॉ. राजेंद्र मुंड को हराया. निर्दलीय प्रत्याशी वीरेंद्र बेनीवाल और प्रभुदयाल सारस्वत हार गए.
पिता डॉक्टर, दवा व्यवसाय
सुमित गोदारा के पिता आर.के. चौधरी ने पीबीएम अस्पताल में डॉक्टर के रूप में कार्य किया। सुमित गोदारा खुद भी पहले नशे के कारोबार से जुड़ा रहा है. वर्ष 2010 के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भाग लेना शुरू कर दिया। वह पहला चुनाव निर्दलीय मानिक चंद सुराणा से हार गए लेकिन बाद में उन्होंने वीरेंद्र बेनीवाल को हरा दिया और इस बार उन्होंने वीरेंद्र बेनीवाल के साथ-साथ कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. राजेंद्र मुंड को भी हरा दिया। साल 2018 में वह पहली बार विधायक बने और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह राजनीति में लगातार सफल होते जा रहे हैं. दो बार विधायक बनने के साथ ही उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री का पद मिल गया है.