बीकानेर में सीवर लाइन का पानी घरों और स्कूल में घुसा: रोशनी घर चौराहे के पास बढ़ा हादसे का खतरा, लोगों में आक्रोश
बीकानेर के रोशनी घर चौराहे के पास सीवर लाइन की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इलाके में कई मकानों में सीवर लाइन का गंदा पानी घुस गया है। इससे घरों में रहने वाले लोगों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति लगातार बिगड़ रही है और समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
सीवर लाइन का पानी घरों के अंदर पहुंचने से फर्श और अन्य हिस्से प्रभावित हो रहे हैं। गंदे पानी के कारण इलाके में दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। जिन मकानों में पानी घुसा है, वहां रहने वाले परिवारों को रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं, सीवर लाइन की समस्या का असर क्षेत्र के एक निजी स्कूल पर भी पड़ा है। स्कूल परिसर में भी सीवर का पानी पहुंच गया है। इससे विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अभिभावक भी बच्चों को लेकर परेशान हैं और जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सीवर लाइन का काम चल रहा है। उनका आरोप है कि सीवर लाइन बनाने वाली निजी कंपनियों की लापरवाही के कारण पानी की निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। निर्माण कार्य के दौरान जरूरी सावधानियां नहीं बरते जाने से सीवर का पानी आसपास के मकानों और स्कूल की ओर पहुंच रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सीवर लाइन की समस्या को ठीक नहीं किया गया तो बारिश या पानी का दबाव बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। कई मकानों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को करंट और अन्य हादसों का भी डर सता रहा है।
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और सीवर लाइन की समस्या को जल्द ठीक कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा सामने न आए।
फिलहाल रोशनी घर चौराहे के आसपास सीवर के पानी से प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है। निजी स्कूल में पानी पहुंचने से मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल पानी की निकासी करवाए और सीवर लाइन के निर्माण से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर कर स्थायी समाधान किया जाए।
