सहजरासर की जैविक कृषि-पशुपालन परियोजना को मिली सराहना, मंत्री सुमित गोदारा ने बताया ‘अच्छी पहल’
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से हाल ही में कोफार्मिन फेडरेशन (कोफेड) के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न विकासात्मक और कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुलाकात के दौरान मंत्री गोदारा ने बीकानेर जिले के लूणकरणसर उपखंड के सहजरासर गांव में चल रही जैविक कृषि एवं पशुपालन परियोजना की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
मंत्री ने कहा कि जैविक खेती और पशुपालन को एकीकृत कर चलाया जा रहा यह मॉडल न केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल है, बल्कि इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने इसे भविष्य के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।
कोफेड के पदाधिकारियों ने इस दौरान परियोजना की प्रगति और इसके तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से स्थानीय किसानों को जैविक उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन और विपणन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कोफार्मिन फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
मंत्री गोदारा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह की पहलों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
फिलहाल इस परियोजना को लेकर क्षेत्र में सकारात्मक माहौल है और स्थानीय किसान भी इसे भविष्य के लिए एक लाभकारी अवसर के रूप में देख रहे हैं।
