दो साल बाद बनी सड़क भी बंद, चंद लोगों के विरोध से 40 हजार राहगीर परेशान
लंबे इंतजार और दो साल तक बारिश में धंसने के बाद आखिरकार फर्नीचर वाली रोड का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन अब यह सड़क आम लोगों के लिए उपयोग में नहीं आ पा रही है। पिछले करीब दो महीनों से यह सड़क बंद पड़ी है, जिससे रोजाना गुजरने वाले करीब 40 हजार राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण पूरा होने के बावजूद कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के चलते इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि विरोध करने वाले लोगों की संख्या काफी कम बताई जा रही है, लेकिन उनके विरोध का असर हजारों लोगों पर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि विरोध करने वाले लोग तकनीकी कारणों को लेकर अपनी आपत्ति जता रहे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि उनके दावे पूरी तरह से तकनीकी रूप से सही नहीं हैं। इसके बावजूद विरोध जारी है और सड़क को आम जनता के लिए खोला नहीं जा सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने के कारण उन्हें लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं व्यापारियों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मामले को सुलझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सड़क को चालू किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि विकास कार्यों में तकनीकी समझ और जनहित दोनों का संतुलन जरूरी है। किसी भी परियोजना को बिना ठोस कारण के रोकना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकल जाएगा, ताकि सड़क का लाभ आम जनता को मिल सके।
