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बीकानेर मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत, 28 पार्षदों की सहमति से अनिल कल्ला प्रत्याशी; भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत मैदान में

 
बीकानेर मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत, 28 पार्षदों की सहमति से अनिल कल्ला प्रत्याशी; भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत मैदान में

बीकानेर नगर निगम में मेयर पद के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने 28 पार्षदों की सहमति के बाद अनिल कल्ला को मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने सुरेंद्र सिंह शेखावत को मैदान में उतारा है। दोनों प्रमुख दलों की ओर से प्रत्याशी सामने आने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

हालांकि नाम तय होने के साथ ही कांग्रेस में बगावत के संकेत भी सामने आए हैं। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि टिकट से वंचित दावेदार अपनी अगली रणनीति को लेकर क्या कदम उठाते हैं। इससे मेयर चुनाव का समीकरण और महत्वपूर्ण हो गया है।

कांग्रेस ने अनिल कल्ला के नाम पर 28 पार्षदों की सहमति के बाद उन्हें प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की ओर से उनके नाम पर सहमति बनने के बाद नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कांग्रेस अब अपने पार्षदों को एकजुट रखने और प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की कवायद करेगी।

दूसरी ओर भाजपा ने सुरेंद्र सिंह शेखावत को मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा प्रत्याशी के मैदान में उतरने के बाद दोनों दलों के बीच चुनावी मुकाबला तय हो गया है। अब दोनों पार्टियों की नजर पार्षदों के समर्थन और मतदान के दौरान बनने वाले समीकरण पर है।

कांग्रेस में टिकट को लेकर सामने आई नाराजगी ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। मेयर चुनाव में पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण पार्टी के भीतर असंतोष का असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता या पार्षद आगे क्या कदम उठाएंगे।

बीकानेर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस की ओर से अनिल कल्ला और भाजपा की ओर से सुरेंद्र सिंह शेखावत चुनाव मैदान में हैं। अब नामांकन और मतदान की प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल बीकानेर में मेयर चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर नाराजगी और बगावत की चर्चा के साथ-साथ दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले पर नजर बनी हुई है। चुनाव में अंतिम स्थिति मतदान और पार्षदों के समर्थन के आधार पर स्पष्ट होगी।