Aapka Rajasthan

बीकानेर मंडियों में दानामेथी के भाव में गिरावट

 
बीकानेर मंडियों में दानामेथी के भाव में गिरावट

जिले की स्थानीय मंडियों में गुरुवार को धानामेथी (दाना मेथी) के भाव में कमी देखी गई। अन्य कृषि जिंस के भाव में इस दौरान कोई बदलाव नहीं हुआ। किसानों और व्यापारियों के अनुसार, दानामेथी के भाव में गिरावट की मुख्य वजह मांग में कमी और मंडियों में उपलब्ध स्टॉक बढ़ना है। पिछले कुछ दिनों में दानामेथी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसान चिंतित हैं।

स्थानीय मंडी समिति के अधिकारी ने बताया कि दानामेथी के भाव में गिरावट आने के बावजूद अन्य मसाले और कृषि उत्पाद जैसे जीरा, मूंगफली, सरसों और अनाज के भाव स्थिर बने हुए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अन्य फसलों में फिलहाल संतुलित बाजार बना हुआ है।

व्यापारी और खरीददार इस समय मंडियों में दानामेथी की खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि भाव में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण आगे की खरीद-बिक्री पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दानामेथी के भाव में यह गिरावट स्थानीय और बाहरी बाजारों में मांग में बदलाव के कारण हुई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने उत्पाद का भंडारण और बिक्री योजना सोच-समझकर करें, ताकि बाजार के अस्थिर होने पर उन्हें अधिक नुकसान न हो।

मंडी में मौजूद किसानों ने भी कहा कि दानामेथी की कीमतों में कमी आने से उनके आर्थिक लाभ पर असर पड़ा है। उन्होंने प्रशासन और मंडी समिति से आग्रह किया कि किसानों के हित में समीक्षा और आवश्यक कदम उठाए जाएं।

कुल मिलाकर, बीकानेर की मंडियों में गुरुवार को दानामेथी के भाव में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अन्य फसलों और जिंस के भाव स्थिर बने हुए हैं। बाजार में स्थिति पर नजर बनाए रखना और भावों की जानकारी समय-समय पर लेन-देन करना किसान और व्यापारी दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।