स्कूल के पहले दिन मासूम पर आवारा कुत्तों ने हमला, बच्चा गंभीर रूप से घायल
बीकानेर में एक भयानक घटना सामने आई है, जहाँ चार साल के मासूम पर स्कूल के पहले ही दिन आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। घटना इतनी भयावह थी कि बच्चे का सिर, कान और शरीर कुत्तों के हमले में बुरी तरह घायल हो गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने के समय अचानक कुछ आवारा कुत्ते घेरे में ले लिया। कुत्तों ने बच्चे के सिर की चमड़ी नोचनी शुरू कर दी, कान काट दिया और शरीर के अन्य हिस्सों को भी गंभीर रूप से घायल किया। घटना के दौरान बच्चे की चीख सुनकर पास मौजूद लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मासूम को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया।
घायल बच्चे को तुरंत निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की चोटें बहुत गंभीर हैं और उसे लंबे समय तक चिकित्सा निगरानी में रखा जाएगा।
स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और उन्होंने प्रशासन पर आवारा कुत्तों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा के लिए आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने की कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीकानेर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद उचित नियंत्रण नहीं किया जा सका है। नगर निगम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीम भेजकर इलाके में आवारा कुत्तों की निगरानी और पकड़ने की कार्रवाई शुरू की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों से होने वाले हमले सिर्फ घायल करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे रैबीज़ और अन्य गंभीर संक्रमण का खतरा भी पैदा कर सकते हैं। इसलिए बच्चों और आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय आसपास कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। स्कूल के बाहर बच्चे के अभिभावकों और अन्य लोगों की मौजूदगी के बावजूद यह हमला हुआ, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमी का संकेत मिलता है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने बच्चों के माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित रूप से स्कूल भेजें और बच्चों को आवारा जानवरों से सावधान रहने की जानकारी दें। साथ ही, नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
बीकानेर की यह घटना पूरे शहर के लिए चेतावनी है कि आवारा जानवरों से निपटना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे हमले से न केवल बच्चों का जीवन खतरे में पड़ता है, बल्कि पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन जाता है।
इस भयावह घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल शहर के नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। प्रशासन और नगर निगम के प्रयासों के बावजूद अगर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
