राजस्थान में सड़क हादसे कम करने के लिए नई व्यवस्था, IG से लेकर SHO तक की जिम्मेदारी तय
राजस्थान में सड़क हादसों को कम करने के लिए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। पहली बार पुलिस विभाग में आईजी से लेकर एसपी और थानों के एसएचओ तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसके तहत पूरे साल के लिए सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पुलिस विभाग की इस नई व्यवस्था के अनुसार सड़क हादसों में चरणबद्ध तरीके से कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के तहत पहले तीन महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 2 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद छह महीने की अवधि में दुर्घटनाओं को 5 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वहीं वर्ष के अंत तक सड़क हादसों में कुल 10 प्रतिशत तक कमी लाने का टारगेट तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यभर में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर Rajasthan Police के अधिकारी सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। वहीं थाना स्तर पर एसएचओ को अपने क्षेत्र में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना के तहत हाईवे और शहरों में यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाने पर भी जोर दिया जाएगा। हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए पुलिस, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए तो सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से सड़क सुरक्षा को लेकर जवाबदेही बढ़ेगी और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। 🚦🚔
