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कैश-ज्वेलरी के लिए किराएदार बना हत्यारा! बुजुर्ग दंपती की चुन्नी से गला घोंटकर हत्या, गेट पर ताला लगाकर फरार

 
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बीकानेर के मुक्ता प्रसाद नगर में 6 दिन पहले हुई बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में पूर्व किरायेदार समेत कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि यूपी के गाजियाबाद से आए दो हत्यारों की तलाश जारी है।जानकारी के अनुसार, सेना से सेवानिवृत्त गोपाल वर्मा (67) और उनकी पत्नी निर्मला वर्मा (60) मुक्ता प्रसाद नगर स्थित मकान संख्या 4/13 में रहते थे। दोनों के शव मंगलवार (15 जुलाई) को घर में सड़ी-गली हालत में मिले। जांच में पता चला कि आरोपियों ने 2 दिन पहले रविवार (13 जुलाई) को दंपत्ति की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी और घर का मुख्य द्वार बंद करके फरार हो गए थे, जिससे पड़ोसियों को भी घटना का पता नहीं चल सका।मामले में पुलिस ने नयाशहर इलाके के धर्मनगर द्वार निवासी पूर्व अरुण कुमार ओझा, गाजियाबाद निवासी रोहित बंसल और प्रिया सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। जबकि अरुण के ससुर कर्मवीर और साले की तलाश की जा रही है।

नकदी और जेवरात के लिए बनाया निशाना
एसपी कविंद्र सिंह सागर ने बताया - आरोपी अरुण ओझा और उसकी कथित पत्नी प्रिया मृतक बुजुर्ग दंपत्ति के मकान में किराए पर रहते थे। इस दौरान प्रियंका के माता-पिता और भाई भी घर पर आकर रुकते थे। मकान मालिक से कुछ विवाद होने के कारण दोनों मकान खाली करके दूसरी जगह रहने लगे थे, लेकिन अरुण ओझा के ससुर कर्मवीर और साले प्रियांशु ने मकान मालिक गोपाल वर्मा से संपर्क बनाए रखा।

देर रात घर में घुसे, हत्या के बाद ताला लगाया और भाग गए
पुलिस ने बताया कि आरोपी कर्मवीर तंत्र विद्या का ज्ञान रखता था, जिसके चलते वह तंत्र-मंत्र करवाने के नाम पर बुजुर्ग दंपत्ति के पास आता-जाता रहता था। 13 जुलाई को बुजुर्ग दंपत्ति घर में अकेले थे। इसी दौरान देर रात करीब 10 बजे आरोपी अरुण कुमार ओझा, प्रिया, कर्मवीर और रोहित बंसल अपने अन्य साथियों के साथ उनके घर में घुस आए और दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान चीख-पुकार बाहर न आ सके, इसके लिए टीवी का वॉल्यूम बढ़ा दिया गया था। आरोपी जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए। जाते समय घर का मेन गेट भी बंद कर गए, ताकि किसी को घटना का पता न चल सके।

2 दिन तक घर में ही रहे शव
दंपति के शव करीब 2 दिन तक घर में ही रहे। इस दौरान बीकानेर से बाहर रह रहे दोनों बेटों ने अपने माता-पिता को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठने पर उन्होंने मंगलवार (15 जुलाई) को अपने एक परिचित को घर भेजा। घर से दुर्गंध आ रही थी और दोनों के शव सड़ चुके थे। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर अरुण ओझा को हिरासत में लिया, जिसके बाद प्रिया सिसोदिया और रोहित बंसल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, अरुण कुमार ओझा ही हत्या और लूट का मुख्य मास्टरमाइंड था। हालांकि, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही, लूटी गई नकदी और जेवरात का भी आकलन किया जा रहा है।