Aapka Rajasthan

MGSU में नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, सर्च कमेटी गठित; BOM बैठक और दीक्षांत समारोह को लेकर उठे सवाल

 
बीकानेर की महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी (MGSU) में नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए सर्च कमेटी (खोज समिति) का गठन कर दिया है। कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश और चयन प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।  वहीं, वर्तमान कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले हुई BOM (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) बैठक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसके अलावा छात्रों को बिना सूचना दिए आयोजित किए गए दीक्षांत समारोह को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।  नए कुलपति की तलाश के लिए बनी सर्च कमेटी  MGSU में कुलपति पद खाली होने से पहले ही नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए गठित सर्च कमेटी अब संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी।  कुलपति पद के लिए ऐसे शिक्षाविदों की तलाश की जाएगी, जिनके पास उच्च शिक्षा क्षेत्र में अनुभव और प्रशासनिक क्षमता हो। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।  BOM बैठक को लेकर उठे सवाल  कुलपति का कार्यकाल पूरा होने से पहले आयोजित BOM बैठक को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि महत्वपूर्ण निर्णयों को लेकर पारदर्शिता बरती जानी चाहिए थी।  हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बैठक और उसमें लिए गए फैसलों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है।  दीक्षांत समारोह में छात्रों को सूचना नहीं मिलने का आरोप  वहीं, विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि कई छात्रों को समारोह की जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिसके कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके।  छात्रों का कहना है कि दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि सभी पात्र विद्यार्थी इसमें भाग ले सकें।  विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब की उम्मीद  MGSU से जुड़े छात्र और शिक्षक अब पूरे मामले में प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण की उम्मीद कर रहे हैं। नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं।  अब सभी की नजर सर्च कमेटी की प्रक्रिया और नए कुलपति के चयन पर टिकी है। माना जा रहा है कि नए कुलपति के आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और लंबित मुद्दों को लेकर नई दिशा मिल सकती है।

बीकानेर की महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी (MGSU) में नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए सर्च कमेटी (खोज समिति) का गठन कर दिया है। कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश और चयन प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।

वहीं, वर्तमान कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले हुई BOM (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) बैठक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसके अलावा छात्रों को बिना सूचना दिए आयोजित किए गए दीक्षांत समारोह को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।

नए कुलपति की तलाश के लिए बनी सर्च कमेटी

MGSU में कुलपति पद खाली होने से पहले ही नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए गठित सर्च कमेटी अब संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी।

कुलपति पद के लिए ऐसे शिक्षाविदों की तलाश की जाएगी, जिनके पास उच्च शिक्षा क्षेत्र में अनुभव और प्रशासनिक क्षमता हो। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

BOM बैठक को लेकर उठे सवाल

कुलपति का कार्यकाल पूरा होने से पहले आयोजित BOM बैठक को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि महत्वपूर्ण निर्णयों को लेकर पारदर्शिता बरती जानी चाहिए थी।

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बैठक और उसमें लिए गए फैसलों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है।

दीक्षांत समारोह में छात्रों को सूचना नहीं मिलने का आरोप

वहीं, विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि कई छात्रों को समारोह की जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिसके कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके।

छात्रों का कहना है कि दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे कार्यक्रमों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि सभी पात्र विद्यार्थी इसमें भाग ले सकें।

विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब की उम्मीद

MGSU से जुड़े छात्र और शिक्षक अब पूरे मामले में प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण की उम्मीद कर रहे हैं। नए कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं।

अब सभी की नजर सर्च कमेटी की प्रक्रिया और नए कुलपति के चयन पर टिकी है। माना जा रहा है कि नए कुलपति के आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और लंबित मुद्दों को लेकर नई दिशा मिल सकती है।