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राजस्थान में लम्पी चर्म रोग का खतरा बढ़ा: भरतपुर समेत कई जिलों में गोवंश संक्रमित, गो सेवा आयोग ने जारी की एडवाइजरी

 
राजस्थान में लम्पी चर्म रोग का खतरा बढ़ा: भरतपुर समेत कई जिलों में गोवंश संक्रमित, गो सेवा आयोग ने जारी की एडवाइजरी

राजस्थान में एक बार फिर गोवंश में लम्पी स्किन डिजीज (लम्पी चर्म रोग) का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। प्रदेश के भरतपुर, डीग, अलवर, धौलपुर और दौसा सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में गोवंश में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद राजस्थान गो सेवा आयोग ने प्रदेशभर के लिए एडवाइजरी जारी की है।

संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए आयोग ने सभी पशुपालकों, गोशाला संचालकों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की गई है।

गोवंश को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश

गो सेवा आयोग ने सलाह दी है कि पशुपालक अपने पशुओं की नियमित निगरानी करें और यदि किसी गोवंश में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।

आयोग ने गोशालाओं में साफ-सफाई रखने, पशुओं के रहने वाले स्थानों को संक्रमण मुक्त रखने और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम के उपाय करने पर जोर दिया है।

लम्पी रोग के ये हैं प्रमुख लक्षण

लम्पी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गायों और अन्य गोवंश में फैलती है। इसमें पशुओं के शरीर पर गांठें निकलना, बुखार, भूख कम लगना, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

बीमारी फैलाने में मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए पशुओं के आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

पशुपालन विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश

राजस्थान गो सेवा आयोग ने पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी बीमारी की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर उपचार व टीकाकरण की व्यवस्था करने को कहा गया है।

पशुपालकों से अपील

आयोग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना दें। समय पर इलाज और सावधानी से लम्पी चर्म रोग के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।

फिलहाल पूर्वी राजस्थान के जिलों में सामने आए मामलों के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। आने वाले दिनों में संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।