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बीकानेर में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सरपंच पद के लिए घमासान: एक सीट पर 10-10 दावेदार, गांवों में तेज हुई राजनीतिक हलचल

 
बीकानेर में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सरपंच पद के लिए घमासान: एक सीट पर 10-10 दावेदार, गांवों में तेज हुई राजनीतिक हलचल

बीकानेर में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए उम्मीदवारों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है। कई ग्राम पंचायतों में एक ही सीट पर 10-10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या से गांवों में चुनावी माहौल गर्माने लगा है। जगह-जगह बैठकों और जनसंपर्क का दौर शुरू हो गया है।

पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरपंच पद के दावेदार अपने समर्थकों के साथ गांवों में संपर्क कर रहे हैं। कोई विकास कार्यों को मुद्दा बना रहा है तो कोई गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान का भरोसा दिला रहा है। चुनाव मैदान में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने से इस बार कई ग्राम पंचायतों में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।

एक सीट पर 10 उम्मीदवारों की दावेदारी

तीसरे चरण के चुनाव में कई ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आ रहे हैं। एक ही सीट पर 10-10 उम्मीदवारों के उतरने से चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने से मतदाताओं के सामने भी कई विकल्प होंगे।

गांवों में उम्मीदवार अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लोगों से व्यक्तिगत संपर्क कर रहे हैं। सामाजिक समीकरण, पारिवारिक संबंध और स्थानीय मुद्दे चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कई जगहों पर उम्मीदवारों के समर्थक भी सक्रिय हो गए हैं।

गांवों में शुरू हुआ जनसंपर्क का दौर

चुनाव की हलचल बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। सरपंच पद के दावेदार घर-घर जाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। गांवों की सड़कें, पेयजल व्यवस्था, बिजली, सफाई, नालियां और विकास कार्य प्रमुख चुनावी मुद्दे बन रहे हैं।

उम्मीदवार ग्रामीणों को भरोसा दिला रहे हैं कि चुनाव जीतने के बाद वे गांव की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करेंगे। वहीं, मतदाता भी उम्मीदवारों के पिछले कामकाज और भविष्य की योजनाओं को लेकर सवाल कर रहे हैं।

बहुकोणीय मुकाबले से बढ़ेगी चुनावी चुनौती

एक सीट पर कई उम्मीदवार होने से चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं। अधिक उम्मीदवार होने पर वोटों का बंटवारा होने की संभावना रहती है। ऐसे में किसी एक उम्मीदवार की जीत का अनुमान लगाना आसान नहीं होगा।

तीसरे चरण के चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या, स्थानीय समीकरण और मतदाताओं का रुझान परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल बीकानेर की ग्राम पंचायतों में सरपंच पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल बनने लगा है।