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राजस्थान में 25 मार्च से शुरू होगा प्रवेशोत्सव सघन अभियान, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा

 
राजस्थान में 25 मार्च से शुरू होगा प्रवेशोत्सव सघन अभियान, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ा जाएगा

राजस्थान में सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग 25 मार्च से प्रवेशोत्सव सघन अभियान शुरू करेगा। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में शिक्षकों को गांव-गांव और मोहल्लों में घर-घर जाकर सर्वे करना होगा और ऐसे बच्चों की पहचान करनी होगी जो अब तक स्कूल नहीं जा रहे हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करना है। इसके लिए शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी।

अभियान के दौरान शिक्षक अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर यह पता लगाएंगे कि कौन से बच्चे अभी तक स्कूल में नामांकित नहीं हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया जाएगा और उन्हें सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि कई बार जानकारी के अभाव, आर्थिक स्थिति या अन्य कारणों से बच्चे स्कूल से दूर रह जाते हैं। ऐसे में इस तरह का सघन अभियान चलाकर बच्चों को फिर से पढ़ाई से जोड़ा जा सकता है।

अभियान के दौरान विशेष रूप से स्कूल छोड़ चुके बच्चों, प्रवासी परिवारों के बच्चों और पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा। शिक्षकों को इन बच्चों की सूची तैयार कर उन्हें नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

इसके अलावा अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं जैसे मिड-डे मील, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हों।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान राज्यभर में बड़े स्तर पर चलाया जाएगा और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिला और ब्लॉक स्तर पर अधिकारी अभियान की प्रगति पर नजर रखेंगे।

सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर बच्चे को स्कूल तक पहुंच मिले। इसी उद्देश्य से प्रवेशोत्सव सघन अभियान को व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।