बीकानेर में फर्जीवाड़े का खुलासा: मृत व्यक्ति बनकर जमीन रजिस्ट्री कराने पहुंचा शख्स, जांच में खुली पोल
बीकानेर जिले के खाजूवाला उप रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन रजिस्ट्री के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति के नाम जमीन दर्ज थी, उसकी मौत हो चुकी थी, लेकिन उसी के नाम से एक व्यक्ति रजिस्ट्री करवाने के लिए कार्यालय पहुंच गया। दस्तावेजों की जांच के दौरान मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार, खाजूवाला उप रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान दस्तावेजों में जमीन मालिक के रूप में दर्ज व्यक्ति की पहचान और मौजूद व्यक्ति के बीच अंतर सामने आया। जांच में पता चला कि जमीन मालिक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद कोई अन्य व्यक्ति उसकी जगह बनकर रजिस्ट्री करवाने का प्रयास कर रहा था।
दस्तावेजों की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद संबंधित व्यक्ति की पहचान और जमीन मालिक के रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम जमीन थी, वह अब जीवित ही नहीं है।
मामला सामने आने के बाद उप रजिस्ट्रार कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल रजिस्ट्री की प्रक्रिया रोक दी और मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दी।
पहचान बदलकर रजिस्ट्री कराने की कोशिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मृत व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। अब पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल हैं और इसके पीछे क्या साजिश थी।
जांच एजेंसियां दस्तावेजों, पहचान पत्रों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले इस तरह की कोई अन्य वारदात तो नहीं हुई।
जमीन से जुड़े मामलों में बढ़ रही धोखाधड़ी
जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जी दस्तावेज और गलत पहचान के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों में दस्तावेजों की जांच और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
खाजूवाला के इस मामले ने एक बार फिर जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकेगी।
