सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में चिकित्सा मंत्री के बयान पर विवाद
बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने और स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच राजस्थान के चिकित्सा मंत्री Gajendra Singh Khimsar के एक बयान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। गुरुवार को मंत्री पीबीएम अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रभावित महिलाओं की स्थिति और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पत्रकारों के सवाल पर दिया जवाब
अस्पताल दौरे के दौरान जब पत्रकारों ने चिकित्सा मंत्री से पूछा कि सभी महिलाओं की डिलीवरी के 2 से 3 घंटे बाद अचानक तबीयत कैसे बिगड़ गई, तो उनके जवाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मंत्री के बयान को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
पहले से चर्चा में है मामला
बीकानेर का यह मामला पिछले कई सप्ताह से सुर्खियों में बना हुआ है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और कुछ मरीजों की किडनी प्रभावित होने के बाद चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन किया गया था और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
अस्पताल में लिया व्यवस्थाओं का जायजा
पीबीएम अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा मंत्री ने डॉक्टरों और अधिकारियों से मरीजों के उपचार की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी मंत्री को दी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
मामले के कारणों को लेकर अभी भी जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी प्रभावित होने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
चिकित्सा मंत्री के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न संगठनों और लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और सभी की नजरें रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
